तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमनेई के अंतिम संस्कार के लिए लाखों की भीड़ उमड़ी है। इस मौके पर लोगों ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। IRNA न्यूज़ एजेंसी ने मेट्रो स्टेशन और अन्य जगहों के वीडियो जारी किए हैं जिसमें “डेथ टू अमेरिका” और “डेथ टू इसराइल” के नारे लिखे हुए और बोले जाते दिख रहे हैं।
ईरान ने 4 जुलाई 2026 को अयातुल्ला अली खमनेई के लिए कई दिनों तक चलने वाले जनाजे की रस्मों की शुरुआत की। ईरान ने इस तारीख का चुनाव खास तौर पर किया क्योंकि यह अमेरिका के बनने की 250वीं सालगिरह है। ग्रैंड मोसल्ला धार्मिक परिसर और मेट्रो स्टेशनों के बाहर जमा लोगों ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ गुस्से का इजहार किया।
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि देश की यह आवाज पूरी दुनिया को सुनाई देनी चाहिए। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की धमकी का जवाब बहुत ताकतवर तरीके से दिया जाएगा।
ईरानी सैन्य कमांड ने भी अमेरिका और इसराइल को आगाह किया है कि वे कोई गलती न करें। उन्होंने नए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुज्तबा खमनेई की सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए हैं।
इससे पहले 25 जून को ईरान की अदालत ने उन खबरों को गलत बताया था जिनमें कहा गया था कि अमेरिका विरोधी नारे लगाने या झंडा जलाने पर रोक लगा दी गई है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसे किसी भी बैन की खबरें झूठी हैं।
