ईरान और अमेरिका-इसराइल गठबंधन के बीच चल रहे युद्ध ने ऊर्जा संकट को और बढ़ा दिया है। ईरान की गैस कंपनी के प्रमुख ने साफ कहा है कि युद्ध की स्थितियों की वजह से अब उनके पास गैस की खपत कम करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। यह संकट केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों और सप्लाई पर असर डाल रहा है।

ईरान में गैस और बिजली का संकट क्यों बढ़ा?

ईरान की गैस कंपनी के अधिकारी ने 27 अप्रैल 2026 को बताया कि युद्ध की वजह से अब गैस की खपत घटानी पड़ेगी। इससे पहले 25 अप्रैल को ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी नागरिकों से बिजली बचाने की अपील की थी। उन्होंने बताया कि पुराने बुनियादी ढांचे और प्रतिबंधों की वजह से पावर ग्रिड को काफी दिक्कतें आ रही हैं। युद्ध के दौरान ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले हुए हैं, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई है।

दुनिया और भारत पर इस युद्ध का क्या असर हो रहा है?

  • GECF की चेतावनी: गैस एक्सपोर्टिंग कंट्रीज फोरम के महासचिव Philip Mshelbila ने चेतावनी दी कि ईरान युद्ध की वजह से प्राकृतिक गैस की मांग में लगातार गिरावट आ सकती है।
  • यूरोपीय संघ की तैयारी: European Commission ने “AccelerateEU” प्लान लॉन्च किया है ताकि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम की जा सके और स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ा जा सके।
  • IEA का कदम: International Energy Agency ने आपातकालीन तेल स्टॉक जारी किए हैं ताकि वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहे।
  • भारत पर असर: केरल के बिजली मंत्री K Krishnankutty ने बताया कि पश्चिम एशिया के इस संकट की वजह से LPG की कमी हुई है, जिससे राज्य में बिजली की खपत बढ़ी और पावर संकट पैदा हुआ।
  • व्यापार पर असर: बासमती चावल के निर्यातकों को शिपिंग के लिए भारी ‘वॉर-रिस्क सरचार्ज’ देना पड़ रहा है, जिससे निर्यात करना मुश्किल हो गया है।

Strait of Hormuz और सप्लाई रूट का क्या अपडेट है?

दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल Strait of Hormuz के रास्ते गुजरता है, जो इस युद्ध की वजह से लगभग बंद है। 27 अप्रैल को ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह बिना किसी परमाणु समझौते के इस रास्ते को फिर से खोल सकता है। इसके लिए ईरानी मंत्री Araghchi पाकिस्तान और रूस के साथ बातचीत कर रहे हैं। हालांकि, 8 अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा के बावजूद समुद्री ट्रैफिक पहले जैसा नहीं हुआ है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.