ईरान सरकार की प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे युद्ध के कारण देश को गैस उत्पादन में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि इस संघर्ष के चलते ईरान की लगभग 230 मिलियन क्यूबिक मीटर की गैस उत्पादन क्षमता खत्म हो गई है।
अर्थव्यवस्था पर गहरा असर
ईरान के लिए यह युद्ध आर्थिक मोर्चे पर काफी महंगा साबित हो रहा है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, फरवरी 2026 में शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से ईरान को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 270 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। ईरान ने अप्रैल 2026 में ही इस नुकसान के लिए मुआवजे की मांग की थी। युद्ध के कारण Strait of Hormuz में सैन्य हमलों ने तेल और गैस की सप्लाई को बुरी तरह प्रभावित किया है, क्योंकि यह रास्ता दुनिया की 20% LNG और तेल सप्लाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
कूटनीतिक स्थिति और भविष्य
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया कि तेहरान के अनुरोध पर अमेरिका ने हमलों को फिलहाल रोक दिया है, हालांकि ईरान ने किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है। वहीं, इसराइली सेना ने जॉर्डन सीमा के पास एक ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी है। तेल और गैस की कीमतों में हाल ही में गिरावट देखी गई, जिससे आपूर्ति को लेकर डर थोड़ा कम हुआ है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान के कारण आने वाले समय में देश में ईंधन की कीमतों या राशनिंग सिस्टम में बदलाव करना मजबूरी बन गया है।
