ईरान और जर्मनी के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने UAE के परमाणु बिजली घर पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की है। इस पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने पलटवार करते हुए जर्मनी पर दोगलापन करने का आरोप लगाया है। यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब जर्मनी ने ईरान से हिंसा रोकने और बातचीत करने की अपील की।

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जर्मनी ने ईरान से क्या मांग की?

जर्मन चांसलर Friedrich Merz ने 18 मई 2026 को एक बयान जारी कर कहा कि UAE और अन्य साझेदार देशों पर ईरान के हवाई हमले गलत हैं। उन्होंने खासतौर पर UAE के परमाणु प्लांट में ड्रोन हमले से लगी आग का जिक्र किया और इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। Merz ने कहा कि परमाणु केंद्रों पर हमला पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने ईरान को सलाह दी कि वह अमेरिका के साथ गंभीर बातचीत शुरू करे, अपने पड़ोसियों को धमकाना बंद करे और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बिना किसी पाबंदी के खोले।

ईरान ने जर्मनी के आरोपों पर क्या जवाब दिया?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने Friedrich Merz के बयान को पाखंड बताया। बाक़ाए ने कहा कि अमेरिका और इसराइल ने ईरान के सुरक्षित परमाणु केंद्रों पर खुलेआम हमले किए, लेकिन उनकी निंदा करने के बजाय उन्हें सही ठहराया गया। उन्होंने सवाल किया कि हिंसा रोकने की मांग केवल ईरान से क्यों की जा रही है, जबकि असली हमलावर अमेरिका और इसराइल हैं। इससे पहले जर्मनी में ईरान के राजदूत Majid Nili ने भी कहा था कि अब हुकुम चलाने का दौर खत्म हो चुका है और शांति के लिए पहले अमेरिकी हमलों की निंदा होनी चाहिए।

अमेरिका का इस विवाद पर क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 मई 2026 को ऐलान किया कि वे ईरान पर होने वाले सैन्य हमलों को फिलहाल रोक रहे हैं। ट्रंप ने बताया कि मध्य पूर्व के सहयोगी देशों ने एक संभावित समझौते के लिए समय मांगा है। हालांकि, उन्होंने यह साफ कर दिया कि किसी भी डील की मुख्य शर्त यह होगी कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। वहीं व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सचिव Anna Kelly ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का पूरा ध्यान ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर है। उन्होंने जून 2025 के ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ का जिक्र किया, जिससे ईरान की परमाणु क्षमता को काफी नुकसान पहुंचा था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

जर्मनी ने ईरान की आलोचना क्यों की?

जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने UAE के परमाणु प्लांट पर हुए ड्रोन हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और इसे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बताया।

ईरान ने जर्मनी के बयान को ‘दोगलापन’ क्यों कहा?

ईरान का कहना है कि अमेरिका और इसराइल ने ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमले किए लेकिन जर्मनी ने उनकी निंदा नहीं की, जबकि अब वह ईरान को टोक रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.