ईरान और जर्मनी के विदेश मंत्रियों ने फोन पर बातचीत की है। इसमें ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi और जर्मनी के विदेश मंत्री Johann David Wadephul ने अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की। इस बातचीत के बीच ईरान ने युद्ध रोकने के लिए एक नया प्रस्ताव भी तैयार किया है जिसे कई देशों के साथ साझा किया गया है।
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जर्मनी ने ईरान के सामने क्या शर्तें रखीं?
जर्मनी के विदेश मंत्री Johann David Wadephul ने फोन कॉल के दौरान ईरान से कुछ कड़ी मांगें की हैं। उन्होंने कहा कि ईरान को Strait of Hormuz को फिर से खोलना होगा और अपने परमाणु हथियारों के कार्यक्रम को पूरी तरह बंद करना होगा। जर्मनी ने यह भी साफ किया कि वह परमाणु हथियारों के खात्मे और जलमार्ग खोलने के मामले में अमेरिका के लक्ष्यों का समर्थन करता है और बातचीत के जरिए समाधान चाहता है।
ईरान का नया प्रस्ताव और ओमान की भूमिका
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ओमान के विदेश मंत्री Badr al-Busaidi से भी चर्चा की। इस बातचीत में ईरान ने अमेरिका के साथ विवादों को 30 दिनों के भीतर सुलझाने का एक नया प्रस्ताव पेश किया है। ईरान का मकसद सिर्फ युद्धविराम करना नहीं, बल्कि युद्ध को पूरी तरह खत्म करना है। Araghchi ने इस प्रस्ताव की जानकारी तुर्की, कतर, सऊदी अरब, मिस्र, रूस, फ्रांस और इटली जैसे देशों को भी दी है।
युद्ध का खर्चा और ईरान के अंदरूनी हालात
ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि युद्ध का असल खर्चा 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो चुका है, जो आधिकारिक आंकड़ों से चार गुना अधिक है। Araghchi का कहना है कि अमेरिका की इसराइल समर्थक नीति अंत में अमेरिका के लिए ही नुकसानदेह होगी। वहीं, ईरान के अंदर भी उथल-पुथल मची है। खबरों के मुताबिक, ईरान के राष्ट्रपति और संसद स्पीकर, विदेश मंत्री Araghchi को हटाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि अमेरिका के साथ बातचीत के तरीकों पर उनके बीच मतभेद हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जर्मनी ने ईरान से क्या मांग की है?
जर्मनी के विदेश मंत्री ने मांग की है कि ईरान Strait of Hormuz को फिर से खोले और अपने परमाणु हथियारों के प्रोग्राम को बंद करे।
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए क्या प्रस्ताव दिया है?
ईरान ने ओमान के माध्यम से एक प्रस्ताव दिया है जिसमें अमेरिका के साथ सभी मुद्दों को 30 दिनों के भीतर सुलझाकर युद्ध पूरी तरह खत्म करने की बात कही गई है।