ईरान में 12 दिन के युद्ध की पहली बरसी मनाई जा रही है। इस मौके पर ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के लोग अपनी आखिरी जीत हासिल करने तक डटे रहेंगे और किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे।

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इसराइल और अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप

IRNA न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, Mohammad Bagher Ghalibaf ने इसराइल और अमेरिका की सरकारों पर हमला बोला। उन्होंने इन दोनों देशों को अपराधी बताया और कहा कि उन्होंने मासूम बच्चों की जान ली और कई तरह के जुल्म किए। Ghalibaf ने कहा कि ईरान के लोग उन शहीदों से प्रेरणा ले रहे हैं जिन्होंने 12 दिन के युद्ध में अपनी जान दी थी और देश के सम्मान के लिए लड़े थे।

क्या था 12 दिन का युद्ध

यह सैन्य संघर्ष 13 जून से 24 जून 2025 के बीच हुआ था। इस युद्ध में ईरान का सामना इसराइल से था और इसमें अमेरिका भी शामिल था। Ghalibaf ने पहले भी कहा था कि इस लड़ाई ने ईरान की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने रखा। उनके मुताबिक, इस युद्ध के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान हुआ और लोग मारे गए, लेकिन इससे ईरान की रणनीतिक समझ में काफी बढ़ोतरी हुई।

पुराने दावों की जानकारी

Ghalibaf ने जनवरी 2026 में यह दावा किया था कि युद्ध के आखिरी दिनों में इसराइल ने खुद युद्धविराम की मांग की थी। उन्होंने नवंबर 2025 में भी बयान दिया था कि इस लड़ाई ने दुनिया को ईरान की शक्ति के बारे में बताया। उनके अनुसार, इस युद्ध के बाद ईरान की रक्षा प्रणाली और पहले से ज्यादा मजबूत हुई है।