ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को उन जगहों पर जाने की अनुमति नहीं दी गई है जहाँ बमबारी हुई थी। गालिबफ ने ऐसी खबरों को पूरी तरह गलत बताया है।

गालिबफ ने बताया कि ईरान की संसद में एक नया कानून पास हुआ है और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी इस पर फैसला लिया है। इस नियम के मुताबिक, बमबारी से क्षतिग्रस्त हुई किसी भी जगह पर IAEA के अधिकारियों को बिल्कुल भी जाने नहीं दिया जाएगा।

IAEA के लिए सिर्फ कुछ ही जगहें खुली हैं

फिलहाल ईरान ने IAEA के निरीक्षकों को सिर्फ दो जगहों पर जाने की इजाजत दी है:

  • Bushehr Nuclear Power Plant
  • Tehran Research Reactor

इनके अलावा किसी भी दूसरी जगह पर जाने की अनुमति तभी मिलेगी जब सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल इसकी मंजूरी देगी।

IAEA चीफ के बयान से अलग बात

गालिबफ का यह बयान IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi की बात से अलग है। ग्रोसी ने 1 जुलाई 2026 को संकेत दिया था कि एक समझौता हुआ है जिसके तहत एजेंसी ईरान की परमाणु सुविधाओं का निरीक्षण करेगी।

यह पूरा मामला तब सामने आया है जब 18 जून 2026 को पाकिस्तान की मदद से अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ था। ग्रोसी के मुताबिक, इस समझौते में परमाणु पहलुओं की निगरानी की जिम्मेदारी IAEA को सौंपी गई थी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.