ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने 22 जुलाई 2026 को एक कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने इस तनाव को ‘सब कुछ या कुछ नहीं’ वाली स्थिति बताते हुए चेतावनी दी कि अगर ईरान को क्षेत्र में तेल बेचने से रोका गया, तो कोई भी अन्य देश यहां से तेल का निर्यात नहीं कर पाएगा। उनका कहना है कि ईरान की सुरक्षा ही पूरे क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर का आधार है।
तनाव के बीच अमेरिका और ईरान आमने-सामने
इस बीच CENTCOM ने जानकारी दी है कि उन्होंने लगातार 11वीं रात ईरान पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में सैन्य संचालन केंद्रों, ड्रोन स्टोरेज और लॉजिस्टिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है। वहीं, Tasnim न्यूज एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी मिसाइल ने Larak Island पर भी हमला किया। तनाव इतना बढ़ गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने धमकी दी है कि अगर ईरान किसी भी कमर्शियल जहाज पर हमला करता है, तो वे ईरान के ब्रिज और पावर प्लांट को निशाना बनाएंगे।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति बदली
Ghalibaf ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी बलों की गैर-मौजूदगी में Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रहेगी। दूसरी ओर, ईरान के सैन्य सूत्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके बुनियादी ढांचे जैसे ब्रिज या पावर प्लांट पर हमला हुआ, तो वे भी क्षेत्रीय ऊर्जा सुविधाओं पर जवाबी कार्रवाई करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान पर हॉर्मुज समझौते का सम्मान न करने का आरोप लगाया है।
