Iran News: ईरान ने इराक के अंदरूनी मामलों में दखल न देने की बात दोहराई, अमेरिका को भी दी कड़ी चेतावनी.

Nura Basta21 August 20262 min read48 viewsWorld
Iran News: ईरान ने इराक के अंदरूनी मामलों में दखल न देने की बात दोहराई, अमेरिका को भी दी कड़ी चेतावनी.

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने 21 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया कि उनका देश इराक के अंदरूनी मामलों में किसी तरह का दखल नहीं देगा। उन्होंने यह भी बताया कि तेहरान इराकी सशस्त्र समूहों और बगदाद सरकार के बीच हथियारों के नियमन को लेकर होने वाले किसी भी समझौते को स्वीकार करेगा। यह बड़ा बयान ऐसे समय में सामने आया है जब इराक सरकार ने 30 सितंबर की समयसीमा तय की है, जिसके तहत सभी सशस्त्र गुटों को या तो हथियार छोड़ने होंगे या फिर आधिकारिक सुरक्षा बलों में शामिल होना होगा। इस मामले से जुड़ी पूरी जानकारी आप Gulfhindi.com पर देख सकते हैं।

ईरान और इराक के बीच मजबूत होते रिश्ते

कर्बला में एक अरबाईन समारोह के दौरान बोलते हुए मोहम्मद बाकर गालिबफ ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान और इराक वैश्विक खतरों के खिलाफ अपना प्रतिरोध जारी रखेंगे। उन्होंने दोनों देशों के बीच की एकता को अटूट बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देश सुरक्षा सहयोग और आर्थिक विकास पर पूरा ध्यान दे रहे हैं और वे पश्चिमी ताकतों के उन राजनीतिक दबावों को पूरी तरह खारिज करते हैं जो उनके राजनीतिक भविष्य को तय करना चाहती हैं। इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जाएदी ने भी 21 अगस्त को इस बात की पुष्टि की कि देश के तमाम राजनीतिक दल सरकार के उस उद्देश्य पर पूरी तरह सहमत हैं जिसके तहत हथियारों पर राज्य का एकाधिकार स्थापित किया जाना है।

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हथियार छोड़ने को लेकर इराक में चल रही चर्चा

यह बातचीत 20 अगस्त को मोहम्मद बाकर गालिबफ और इराक के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कासिम अल-अबूदी के बीच हुई बैठकों के बाद सामने आई है। उस दौरान कासिम अल-अबूदी ने कहा था कि इराक का संविधान किसी भी सशस्त्र समूह को दूसरे देशों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने की अनुमति नहीं देता है। इन तमाम आश्वासनों के बावजूद, असाएब अह्ल अल-हक जैसे कुछ गुट अपने हथियार छोड़ने के फैसले पर दोबारा विचार कर रहे हैं। इन समूहों को डर है कि सरकार की इस रणनीति का संबंध संयुक्त राष्ट्र या अमेरिकी हितों से जुड़ा हुआ है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

दूसरी तरफ, ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के खिलाफ काफी सख्त रुख अपनाया है। 21 अगस्त को मोहम्मद बाकर गालिबफ और ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका की किसी भी नई धमकी का कुचलने वाला और विनाशकारी जवाब देने की चेतावनी दी। यह चेतावनी अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट के उस ऐलान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ईरान पर भारी आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है, जिसकी पूरी डिटेल 24 अगस्त 2026 को सामने आएगी। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी पहले ही यह चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान को आर्थिक मदद या सहारा देगा, उसे गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। इन हालातों से निपटने के लिए ईरानी स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने ईरान और इराक के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है ताकि अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता को कम किया जा सके।

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