ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़र गालिबफ ने अमेरिका को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ़ कहा कि ईरान में कोई उदारवादी या कट्टरपंथी नहीं है बल्कि सभी क्रांतिकारी ईरानी हैं। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातों के जवाब में आया है। गालिबफ ने देश की एकता और सर्वोच्च नेता के प्रति निष्ठा पर ज़ोर दिया है।

गालिबफ ने अमेरिका और ट्रंप को क्या जवाब दिया?

मोहम्मद बाक़र गालिबफ ने 23 अप्रैल 2026 को सार्वजनिक रूप से कहा कि ईरान के लोग और सरकार पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने बताया कि देश के सभी लोग सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) के आदेशों का पूरी तरह पालन करेंगे। गालिबफ के मुताबिक, इस अटूट एकता की वजह से हमलावर देश को अपने किए पर पछतावा होगा। उन्होंने कहा कि ईरान के लिए केवल एक रास्ता है और वह है जीत का रास्ता।

सीजफायर और पाकिस्तान की मध्यस्थता का क्या अपडेट है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद सीजफायर की अवधि को बढ़ा दिया गया है। इससे पहले 12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन कोई पूरा समझौता नहीं हो पाया था। गालिबफ ने पहले ही अमेरिका पर सीजफायर की तीन शर्तों को तोड़ने का आरोप लगाया था।

लेबनान और अमेरिका के साथ बातचीत की क्या स्थिति है?

गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था कि लेबनान सीजफायर का एक अहम हिस्सा है और नियमों का उल्लंघन भारी पड़ेगा। 17 अप्रैल 2026 को IRNA न्यूज़ एजेंसी ने इस्लामाबाद में दूसरी दौर की बातचीत की खबरों को गलत बताया था। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी निर्णायक बातचीत की कोई साफ़ उम्मीद नहीं है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.