खाड़ी देशों और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच रक्षा प्रणालियों ने बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब, UAE और अन्य खाड़ी देशों ने ईरान की तरफ से दागे गए 94 प्रतिशत ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया है। अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की मदद से इन देशों ने अपने एयरस्पेस को सुरक्षित रखने का काम किया है। इस तनाव का सीधा असर पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है।

किस देश में कितने ड्रोन और मिसाइल किए गए नष्ट?

रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति की तरफ से दिए गए बयान के बाद भी 8 और 9 मार्च को कई नए हमले देखे गए हैं। अलग-अलग खाड़ी देशों में सुरक्षा बलों ने भारी संख्या में इन हमलों को नाकाम किया है।

देश बैलिस्टिक मिसाइल ड्रोन (Drones) अन्य जानकारी
UAE 189 (175 नष्ट) 941 (876 नष्ट) 8 क्रूज मिसाइल भी नष्ट किए गए
कुवैत 178 नष्ट 384 नष्ट एयरपोर्ट के पास फ्यूल टैंक पर हमला
सऊदी अरब लगातार हमले रोके गए लगातार हमले रोके गए अरामको रिफाइनरी को निशाना बनाया गया
बहरीन 84 नष्ट 147 नष्ट 28 फरवरी से अब तक की रिपोर्ट
कतर 101 (98 नष्ट) 39 (24 नष्ट) सुरक्षा व्यवस्था सख्त

इन हमलों को रोकने के लिए सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र और UAE के समुद्री तट वाले कई रास्तों पर कमर्शियल उड़ानों को रोक दिया गया है।

भारत और खाड़ी देशों में रहने वालों पर क्या हो रहा है असर?

इस पूरे मामले का असर आम आदमी की जेब और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की सप्लाई में आ रही रुकावट के कारण भारत और पाकिस्तान में पेट्रोल और डीज़ल के दाम में भारी उछाल आया है। कुछ जगहों पर तेल की कीमत 55 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है। तेल की सुरक्षित सप्लाई के लिए सऊदी अरब ने लाल सागर के रास्ते का उपयोग करना शुरू कर दिया है।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए भी नई गाइडलाइन जारी की गई है। रियाद, आबू धाबी और मनामा में खतरे का सायरन बजने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा UAE ने कुछ उत्तरी इलाकों में आम सेक्टर्स के लिए वर्क फ्रॉम होम (Remote Work) का सिस्टम लागू कर दिया है ताकि लोग पूरी तरह से सुरक्षित रहें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.