खाड़ी देशों और ईरान में पानी के संकट को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इसराइल द्वारा वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर और डिसेलिनेशन प्लांट यानी खारे पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्रों पर किए गए हमलों ने क्षेत्र में पानी की किल्लत को बहुत अधिक बढ़ा दिया है। इस संकट के कारण ईरान सहित कई खाड़ी देशों में आम जनता को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

ईरान के वाटर प्लांट पर हमले और हुआ बड़ा नुकसान

ईरानी ऊर्जा मंत्री अब्बास अलियाबादी ने पहले भी बयान दिया था कि देश के महत्वपूर्ण पानी और बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर को अमेरिकी और इसराइली साइबर व आतंकवादी हमलों से भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने आरोप लगाया था कि 7 मार्च 2026 को क्युशम आइलैंड पर बने एक डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला किया गया, जिससे करीब 30 गांवों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। हालांकि, अमेरिका और इसराइल ने इन आरोपों को खारिज किया है और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस हमले की जानकारी होने से इनकार किया था।

खाड़ी देशों पर क्या हो रहा है इसका असर

पानी के इन प्लांट पर हमले केवल एक देश तक सीमित नहीं हैं। मार्च 2026 में बहरीन ने भी ईरान पर ड्रोन हमले के जरिए अपने एक डिसेलिनेशन प्लांट को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट के देश जैसे सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन पीने के पानी के लिए पूरी तरह से डिसेलिनेशन प्लांट पर निर्भर रहते हैं। सीआईए ने बहुत पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर इन डिसेलिनेशन प्लांट्स को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचता है, तो खाड़ी देशों में बड़ा राष्ट्रीय संकट खड़ा हो सकता है।

क्या कहता है इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय कानून

विशेषज्ञों का कहना है कि डिसेलिनेशन प्लांट पर हमला करना जेनेवा कन्वेंशन का सीधा उल्लंघन है, जो युद्ध के समय आम नागरिकों की सुरक्षा के नियम तय करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ उटाह के प्रोफेसर माइकल क्रिस्टोफर लो ने इसे बेहद गंभीर युद्ध अपराध कहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे हमलों ने नागरिक और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना न बनाने की तय सीमाओं को पार कर दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और इसराइल ने ईरान के वाटर प्लांट पर हमले की बात मानी है?

नहीं, अमेरिका और इसराइल दोनों ने ही इन हमलों में अपनी भूमिका से साफ इनकार किया है। अमेरिकी नेतृत्व ने इस हमले के बारे में किसी भी तरह की जानकारी होने से मना किया था।

डिसेलिनेशन प्लांट पर हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय नियम क्या हैं?

जेनेवा कन्वेंशन के नियमों के अनुसार, युद्ध या संघर्ष के दौरान आम नागरिकों के जीवित रहने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं जैसे पानी के प्लांट को निशाना बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।