Oman के पास ईरान ने दागी गोली, कंटेनर जहाज को बनाया निशाना, ट्रंप के सीजफायर ऐलान के कुछ ही घंटों बाद हुआ हमला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने का ऐलान किया था, लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद ईरान की एक गनबोट ने ओमान के तट के पास एक कंटेनर जहाज पर फायरिंग कर दी। इस घटना से समुद्री रास्तों पर तनाव फिर से बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को अलर्ट रहने को कहा गया है। खाड़ी क्षेत्र में इस तरह की हलचल से व्यापार और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

ओमान के पास क्या हुआ और कौन से जहाज निशाने पर थे?

ब्रिटिश समुद्री निगरानी एजेंसी UKMTO ने बताया कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एक गनबोट ने ओमान के तट से 15 समुद्री मील दूर एक कंटेनर जहाज पर हमला किया। इस जहाज का नाम Epaminondas था और इस पर लाइबेरिया का झंडा लगा था। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने बिना किसी रेडियो चेतावनी के फायरिंग की, जिससे जहाज के ब्रिज को भारी नुकसान पहुँचा। इसके अलावा, ईरान के पश्चिम में एक और जहाज Euphoria को भी फायरिंग कर रोका गया, हालांकि इसके चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद चल रहा है?

ईरान की IRGC ने इस कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने MSC Francesca और Epaminodes नाम के दो जहाजों को इसलिए पकड़ा क्योंकि वे बिना अनुमति के चल रहे थे और नेविगेशन सिस्टम में गड़बड़ी कर रहे थे। ईरान का कहना है कि यह हमला अमेरिका द्वारा उनके एक व्यावसायिक जहाज को पकड़ने का बदला है। दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के अनुरोध पर सीजफायर को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जब तक ईरान शांति का कोई ठोस प्रस्ताव नहीं देता, तब तक उनके बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रहेगी।

समुद्री यात्रा और प्रवासियों पर क्या होगा असर?

इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने चेतावनी दी है कि समुद्र में हालात इस समय बहुत अस्थिर हैं। सभी जहाजों को सलाह दी गई है कि वे बहुत सावधानी बरतें और बिना सुरक्षा गारंटी के कोई जोखिम न लें। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और व्यापारियों के लिए यह खबर चिंताजनक है क्योंकि समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ने से सामान की सप्लाई और शिपिंग खर्च बढ़ सकता है, जिसका सीधा असर आम लोगों और व्यापार पर पड़ता है।