ईरान ने दक्षिण इराक को भेजी जाने वाली अपनी गैस सप्लाई को पूरी तरह से बंद कर दिया है। 4 अप्रैल 2026 को हुई इस कार्रवाई की पुष्टि इराक के बिजली मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर की है। इस फैसले के बाद दक्षिण इराक के कई बिजली घरों में ईंधन की भारी कमी हो गई है जिससे बिजली उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। इराक सरकार अब इस कमी को पूरा करने के लिए ईंधन के दूसरे विकल्पों पर विचार कर रही है ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

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गैस सप्लाई रुकने से इराक पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

इराक अपनी बिजली और गैस की कुल जरूरत का करीब 33 से 40 प्रतिशत हिस्सा ईरान से आयात करता है। दक्षिण इराक को मिलने वाली 10 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस रोजाना बंद होने से बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि ईरान से आने वाली गैस से इराक में लगभग 6,000 मेगावाट बिजली पैदा होती है। सप्लाई रुकने की वजह से कई पावर स्टेशन अब बंद होने की कगार पर हैं जिसके कारण दक्षिण हिस्से में बिजली कटौती बढ़ सकती है।

इस मामले से जुड़े मुख्य अपडेट्स और वर्तमान स्थिति

  • इराक के बिजली मंत्रालय के प्रवक्ता अहमद मूसा ने गैस सप्लाई पूरी तरह ठप होने की जानकारी दी है।
  • तेल मंत्रालय अब बिजली घरों को चालू रखने के लिए वैकल्पिक ईंधन जुटाने के काम में लग गया है।
  • हाल के महीनों में यह दूसरी बार है जब सप्लाई रुकी है, इससे पहले मार्च में भी पाइपलाइन पर हमलों के कारण सप्लाई बाधित हुई थी।
  • सुरक्षा कारणों के चलते इराक ने ईरान से लगी अपनी शलामचेह बॉर्डर को भी बंद कर दिया है।
  • इराक का हवाई क्षेत्र भी सुरक्षा आकलन की वजह से 10 अप्रैल 2026 तक बंद रखा गया है।
  • इराक में बिजली उत्पादन फिलहाल 14,000 मेगावाट पर स्थिर था लेकिन इस कटौती से इसमें बड़ी गिरावट आएगी।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.