ईरान के Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 23 जुलाई 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन तेल टैंकरों को रोक लिया है। इस घटना के दौरान एक टैंकर में विस्फोट होने और आग लगने की भी खबर है, जिसके बाद अन्य टैंकर वापस लौट गए। ईरान ने दावा किया कि ये टैंकर बिना अनुमति के एक खदान वाले रास्ते से गुजर रहे थे और अमेरिका के उकसावे पर ऐसा कर रहे थे।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का बड़ा मुद्दा

ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है जब तक कि क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप जारी रहता है। IRGC का कहना है कि अब बिना उनकी अनुमति के कोई भी जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर पाएगा। वहीं, अमेरिका के CENTCOM ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय रास्ता है और यह सभी के लिए खुला रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने पहले ही चेतावनी दी है कि जहाजों पर किसी भी हमले की स्थिति में अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा।

क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य के हालात

इस तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने 95 बिलियन डॉलर के बजट को मंजूरी दी है, जिसका बड़ा हिस्सा ईरान के साथ जारी सैन्य गतिविधियों में इस्तेमाल होगा। दूसरी तरफ, यमन के हूती विद्रोहियों ने भी लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हमला करने का दावा किया है। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका कोई भी हमला करता है तो पूरे मध्य पूर्व का बुनियादी ढांचा खतरे में पड़ जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.