तस्नीम न्यूज़ एजेंसी की हालिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान में अमेरिकी और इजरायली हमलों के कारण कम से कम 153 स्वास्थ्य सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 15,000 से अधिक नागरिक घायल हो चुके हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी स्वास्थ्य सेवाओं पर हुए इन हमलों की पुष्टि की है और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अस्पतालों की सुरक्षा की मांग की है। इन हमलों का असर आम लोगों के साथ-साथ मरीजों का इलाज कर रहे मेडिकल स्टाफ पर भी गंभीर रूप से पड़ा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं और आम लोगों पर क्या असर हुआ?

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय और रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार देश भर में चिकित्सा व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। वर्तमान में ईरान के 12 प्रमुख अस्पताल पूरी तरह से काम करना बंद कर चुके हैं।

  • कुल 153 क्षतिग्रस्त स्वास्थ्य केंद्रों में से 56 व्यापक स्वास्थ्य सेवा केंद्र (comprehensive health centers) हैं।
  • राहत कार्य में लगी 21 आपातकालीन बेस और 18 एंबुलेंस को भी नुकसान पहुंचा है।
  • Khatam Hospital, गांधी अस्पताल और वलीअसर बर्न अस्पताल जैसे प्रमुख चिकित्सा केंद्रों को भी पहले निशाना बनाया गया था।
  • हमलों में 202 बच्चों और 223 महिलाओं की जान जा चुकी है।

इसके अलावा 15 मार्च की सुबह शिराज (Shiraz) प्रांत के रिहायशी और पिछड़े इलाकों में भी हवाई हमले हुए हैं। इन हमलों से स्थानीय स्वास्थ्य संसाधनों पर भारी दबाव बढ़ गया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और खाड़ी देशों पर असर

इन हमलों को लेकर अमेरिका और इजरायल का कहना है कि वे केवल सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने नागरिक सुविधाओं पर हमले के दावों से इनकार किया है।

दूसरी ओर WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने मेडिकल सुविधाओं पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस युद्ध का असर अंतरराष्ट्रीय मानवीय आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) पर भी पड़ रहा है।

सुरक्षा कारणों से WHO को दुबई स्थित अपने वैश्विक आपातकालीन रसद केंद्र (global emergency logistics hub) का संचालन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के लिए यह एक बड़ी खबर है क्योंकि दुबई से जाने वाली मेडिकल मदद पर इसका सीधा असर पड़ेगा। इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों ने सैन्य ठिकानों की जानकारी साझा करने के आरोप में 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.