ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हिजबुल्लाह के प्रमुख नईम कासिम को एक पत्र भेजकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान हिजबुल्लाह के अधिकारों और स्वतंत्रता की लड़ाई का समर्थन करना कभी बंद नहीं करेगा। इसके साथ ही, ईरान ने अमेरिका के साथ होने वाली किसी भी संभावित डील के लिए लेबनान में सीजफायर को एक जरूरी शर्त बना दिया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही इन वार्ताओं के बीच इस बयान ने क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।

ईरान के विदेश मंत्री ने हिजबुल्लाह को पत्र में क्या लिखा?

विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 23 मई 2026 को इस पत्र की पुष्टि की। पत्र में उन्होंने हिजबुल्लाह के नए प्रमुख नईम कासिम को आश्वस्त किया कि ईरान अंतिम क्षण तक उनके संघर्ष का साथ देगा। उन्होंने साफ किया कि अधिकार और आजादी की मांग करने वाले आंदोलनों का समर्थन करना ईरान की स्थायी नीति है। हिजबुल्लाह ने भी इस संदेश को मिलने की पुष्टि की है।

अमेरिका के साथ डील और लेबनान में सीजफायर का क्या है कनेक्शन?

ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ किसी भी बड़े समझौते को तभी अंतिम रूप दिया जा सकता है जब लेबनान में तुरंत सीजफायर लागू हो। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ एक समझौता करीब आ रहा है। ट्रंप ने इसके सफल होने की 50 प्रतिशत संभावना जताई है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और ईरान की बड़ी चेतावनी

पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने हाल ही में तेहरान में ईरानी अधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक की है। वहीं दूसरी तरफ, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने फिर से युद्ध शुरू किया, तो ईरान की सेना उसे कड़ा और कड़वा सबक सिखाएगी। इस तनाव के बीच लेबनान में इजरायली हमले लगातार जारी हैं, जिसमें पिछले 24 घंटों में 12 लोग मारे गए हैं और 74 घायल हुए हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने हिजबुल्लाह को क्या संदेश दिया है?

अब्बास अराघची ने हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम को भेजे पत्र में साफ किया कि ईरान हिजबुल्लाह के अधिकारों और आजादी के संघर्ष का समर्थन कभी बंद नहीं करेगा।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में लेबनान का क्या रोल है?

ईरान की मांग है कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को तभी मंजूरी दी जाएगी जब लेबनान में सीजफायर लागू किया जाए, जिसे ईरान ने एक जरूरी सिद्धांत घोषित किया है।

इस समझौते में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस पूरे मामले में मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है और उसके सैन्य अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच वार्ता को सफल बनाने के लिए तेहरान का दौरा किया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.