ईरान सरकार ने अपने देश के 140 से ज़्यादा ऐतिहासिक स्मारकों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है. ये सभी जगहें अमेरिका और इसराइल के हमलों में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं. इसमें यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स भी शामिल हैं, जिन्हें बचाने के लिए अब बड़े स्तर पर कोशिशें की जा रही हैं.

📰: Trump की चेतावनी, ईरान पर फिर हो सकता है बड़ा हमला, Gulf देशों में मची खलबली

किन ऐतिहासिक जगहों को पहुंचा नुकसान और कितना होगा खर्चा

ईरान की ISNA न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, करीब 140 से ज़्यादा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुँचा है. इनमें से 5 जगहें UNESCO की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं. Golestan Palace का हाल सबसे बुरा है, जहाँ 50 से 60 प्रतिशत खिड़की-दरवाजे टूट गए हैं. यहाँ का Mirror Hall और Marble Throne भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं.

  • Golestan Palace की मरम्मत में करीब 1.7 मिलियन डॉलर का खर्च आने का अनुमान है.
  • इस महल के काम को पूरा होने में दो साल या उससे ज़्यादा समय लग सकता है.
  • नुकसान पहुँचाने वाली जगहों में Achaemenid युग के प्राचीन स्मारक, Chehel Sotoun Palace और Isfahan की Masjed-e Jame मस्जिद भी शामिल हैं.
  • Khorramabad Valley के प्रागैतिहासिक स्थलों को भी भारी नुकसान हुआ है.

युद्ध का असर और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन

अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था. हालांकि 8 अप्रैल 2026 से एक नाजुक युद्धविराम लागू है, लेकिन इलाके में तनाव अभी भी बना हुआ है. ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्रालय ने बताया कि ऐतिहासिक धरोहरों को नष्ट करना अंतरराष्ट्रीय कानून और 1954 के Hague Convention का उल्लंघन है. इस मामले को लेकर ईरान ने UNESCO समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को आधिकारिक पत्र भेजे हैं.

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ता तनाव और नए अपडेट

एक तरफ स्मारकों की मरम्मत चल रही है, वहीं दूसरी तरफ खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है. ब्रिटेन ने अपनी एक नेवल डिस्ट्रॉयर शिप को मिडिल ईस्ट भेजने का ऐलान किया है ताकि समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखा जा सके. हाल ही में कतर के पास एक मालवाहक जहाज़ पर ड्रोन हमला हुआ है. ईरान की सेना ने चेतावनी दी है कि अगर उनके जहाज़ों के साथ कोई छेड़छाड़ हुई, तो वे क्षेत्र में अमेरिकी संपत्तियों पर भारी हमला करेंगे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में स्मारकों की मरम्मत का काम कब शुरू हुआ

ईरान के अधिकारियों ने 10 मई 2026 को 140 से अधिक ऐतिहासिक स्मारकों की मरम्मत का काम आधिकारिक तौर पर शुरू किया है.

किन अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन की बात कही गई है

ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्रालय ने कहा है कि ऐतिहासिक धरोहरों का विनाश 1954 के Hague Convention और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com