ईरान के होर्मोज़गन प्रांत में अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने बड़ा हमला किया है। न्यूज एजेंसी Fars की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ताजा हमले में कम से कम 5 लोगों की जान चली गई है। यह हमला 28 फरवरी 2026 से चल रहे बड़े सैन्य संघर्ष का हिस्सा है। ईरान के मीनाब (Minab) जिले में मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए क्षेत्रीय तनाव की यह स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।
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होर्मोज़गन और मीनाब में क्या हालात हैं?
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, तेहरान और होर्मोज़गन प्रांतों में इस जंग के दौरान सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। 29 मार्च 2026 को हुए हमलों में मीनाब जिले को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। वहां के डिप्टी गवर्नर अहमद नफीसी ने बताया कि ड्रोन के जरिए नागरिक सुविधाओं और मेडिकल सेंटरों पर हमले हुए हैं। US Central Command (CENTCOM) ने बयान जारी कर कहा है कि उनकी सेनाओं ने अब तक ईरान के 11,000 से ज्यादा ठिकानों पर प्रहार किया है, जिनमें मिसाइल साइट्स और सैन्य जहाज शामिल हैं।
युद्ध से जुड़े अहम अपडेट और मुख्य आंकड़े
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| ताजा हमले की तारीख | 29 मार्च 2026 |
| प्रभावित मुख्य क्षेत्र | Hormozgan, Tehran, Minab County |
| हताहतों की संख्या | Fars और WANA के अनुसार 5 लोगों की मौत |
| संयुक्त राष्ट्र का रुख | António Guterres ने हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया |
| ईरान की प्रतिक्रिया | IRGC ने अमेरिकी यूनिवर्सिटी और ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी |
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा है कि ईरान के पास आत्मरक्षा का कानूनी अधिकार है। दूसरी ओर, अमेरिका और इजरायल का कहना है कि उनका लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना और वहां शासन में बदलाव लाना है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानूनी विशेषज्ञों ने इस सैन्य कार्रवाई को एक संप्रभु राष्ट्र के खिलाफ आक्रामकता बताया है। इस युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में हवाई उड़ानों और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है।
