रविवार, 19 जुलाई 2026 को ईरान के होर्मोज़गन प्रांत में अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद भारी तबाही हुई है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है और 517 लोग घायल हुए हैं। होर्मोज़गन के कई महत्वपूर्ण इलाके जैसे सिरीक, हाजीबाद, बंदर अब्बास और कशम द्वीप के आसपास के क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
🗞️: मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर Arab League की चेतावनी, अमेरिका और ईरान से शांति की अपील।
हमले से जुड़ी मुख्य जानकारियां
अमेरिकी हमलों के कारण आम लोगों के जीवन पर गहरा असर पड़ा है। 18 जुलाई को हुए हमलों में बोनजी का डीसेलिनेशन प्लांट नष्ट हो गया, जिससे लगभग 10,000 लोगों की पानी की सप्लाई रुक गई। इसके साथ ही, 116 टेलीकॉम टावरों के गिरने से इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। सड़कों, पुलों और मुख्य हाईवे को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जो बंदर अब्बास बंदरगाह तक जाने का मुख्य रास्ता था।
अमेरिका और ईरान का पक्ष
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि यह हमला जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने के लिए किया गया। उनका कहना है कि वे ईरान के तटीय निगरानी केंद्रों, एयर डिफेंस सुविधाओं और मिसाइल स्टोरेज साइट्स को निशाना बना रहे थे ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रखा जा सके।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने घोषणा की है कि ईरान अब किसी भी मौजूदा समझौते का पालन नहीं करेगा। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता मोतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने अपने हमले जारी रखे, तो उन्हें कड़ा सबक सिखाया जाएगा।
