ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में ऊर्जा का संकट खड़ा कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) के बंद होने से तेल और गैस की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर बहुत अधिक निर्भर है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचाने की अपील की है। अब इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ओमान-भारत पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है।

होर्मुज संकट क्या है और PM मोदी ने क्या अपील की है

फरवरी और मार्च 2026 में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया था। मई 2026 में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्रस्ताव को ठुकराया गया, तो तनाव और बढ़ गया। इससे कच्चे तेल की कीमतें 104 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं। भारत की लगभग 90 फीसदी LPG आयात इसी रास्ते से होती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 10 और 11 मई 2026 को देशवासियों से ऊर्जा संरक्षण का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल कम करने, मेट्रो और कारपूलिंग अपनाने, वर्क फ्रॉम होम करने और ऑनलाइन मीटिंग्स को प्राथमिकता देने को कहा है। साथ ही विदेशी मुद्रा बचाने के लिए अनावश्यक सोने की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने का सुझाव भी दिया है।

ओमान-भारत डीप-वाटर पाइपलाइन (OIDMPP) क्या है

जियो-स्ट्रैटजिस्ट संदीप उन्नीथन ने ओमान-भारत डीप-वाटर पाइपलाइन प्रोजेक्ट (OIDMPP) में तेजी लाने की मांग की है। इस प्रोजेक्ट पर 1990 के दशक से बातचीत चल रही है। यह पाइपलाइन 1600 किलोमीटर लंबी होगी और इसे समुद्र तल से 3500 मीटर नीचे बिछाया जाएगा। यह रास अल जिफान से पोरबंदर तक जाएगी। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भारत की होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता को कम करना है। इसके अलावा साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज (SAGE) ने 5 बिलियन डॉलर की एक अंडरसी गैस पाइपलाइन का प्रस्ताव दिया है जिसे मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवाटर पाइपलाइन (MEIDP) कहा जाता है। इससे ओमान, यूएई, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों से गैस आयात करना आसान हो जाएगा।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयात के नए विकल्प

भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने आयात के स्रोतों में काफी बदलाव किए हैं। अब भारत केवल कुछ देशों पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसने अपने तेल और गैस स्रोतों को बढ़ा दिया है। इसके साथ ही चाबहार बंदरगाह और नवीकरणीय ऊर्जा को भी विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।

विवरण पहले की स्थिति वर्तमान/लक्ष्य स्थिति
कच्चे तेल के स्रोत 27 देश 41 देश
LNG आपूर्ति स्रोत 6 देश 30 देश
LPG सोर्सिंग देश 10 देश 15 देश
प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत (2030 तक)
कच्चे तेल की कीमत 104 डॉलर प्रति बैरल से अधिक
OIDMPP पाइपलाइन लंबाई 1600 किलोमीटर

Frequently Asked Questions (FAQs)

ओमान-भारत डीप-वाटर पाइपलाइन प्रोजेक्ट (OIDMPP) क्या है

यह 1600 किलोमीटर लंबी एक पाइपलाइन परियोजना है जो रास अल जिफान से पोरबंदर तक जाएगी। इसे समुद्र तल से 3500 मीटर नीचे बिछाया जाएगा ताकि भारत की होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता कम हो सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने ऊर्जा बचाने के लिए क्या सुझाव दिए हैं

प्रधानमंत्री ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, मेट्रो और कारपूलिंग का उपयोग करने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की अपील की है। साथ ही विदेशी मुद्रा बचाने के लिए सोने की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने को कहा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.