ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लाने की तैयारी में है। ईरान की नेशनल सिक्योरिटी कमेटी ने साफ किया है कि वे पारंपरिक फीस नहीं लेंगे, लेकिन सुरक्षा के नाम पर नया शुल्क लगाएंगे। यह पूरा मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और इसका असर समुद्री व्यापार पर पड़ सकता है।

ईरान के नए नियमों में क्या बदलाव होंगे?

ईरान एक नया कानून तैयार कर रहा है जिसके तहत जहाजों को ‘सुरक्षित रास्ता’ (safe passage) देने के लिए फीस देनी होगी। यह शुल्क पारंपरिक ट्रांजिट फीस से अलग होगा और इसे ईरानी रियाल में चुकाना होगा। ईरान के मुताबिक, अब जहाजों को केवल उन्हीं रास्तों से जाना होगा जो ईरान तय करेगा और इसके लिए पहले से मंजूरी लेनी होगी।

अमेरिका और इजरायल पर क्या पाबंदी होगी?

ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इजरायल के सैन्य जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति नहीं मिलेगी। ईरान के अधिकारियों ने इसे अपनी संप्रभुता और सुरक्षा का मामला बताया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का आदेश दिया था, जिस पर ईरान ने कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।

तारीख मुख्य घटना
26 मार्च 2026 संसद ने संप्रभुता और शुल्क के लिए बिल पर काम शुरू किया
8 अप्रैल 2026 इजरायल द्वारा युद्धविराम उल्लंघन के कारण समुद्री यातायात पर रोक लगाई
11 अप्रैल 2026 घोषित किया गया कि फीस ईरानी रियाल में देनी होगी
13 अप्रैल 2026 डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का आदेश दिया
14 अप्रैल 2026 ईरान ने चेतावनी दी कि नियंत्रण न मानने पर युद्ध की स्थिति बन सकती है
17 अप्रैल 2026 जहाजों के लिए टोल और IRGC के साथ तालमेल की बात कही गई
18 अप्रैल 2026 ईरान ने ‘सुरक्षित रास्ता’ शुल्क के लिए कानून बनाने की पुष्टि की