लाल सागर के इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 जुलाई 2026 को हुती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों, Encelia और Layla पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। इस हमले में Encelia टैंकर के अगले हिस्से में आग लग गई, हालांकि अच्छी बात यह रही कि जहाज पर सवार सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं।
हुती विद्रोहियों को ईरान से मिल रही सीधी मदद
विदेशी मीडिया और विशेषज्ञों का दावा है कि ईरान लगातार यमन में सक्रिय हुती विद्रोहियों को मजबूत कर रहा है। कहा जा रहा है कि 13 जुलाई 2026 को Mahan Air की फ्लाइट से 10 से 21 IRGC कमांडर्स और सैन्य सलाहकार यमन पहुंचे हैं। ये लोग हुती विद्रोहियों को नए मिसाइल सिस्टम चलाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं और उन्हें पैसा तथा सैन्य उपकरण भी मुहैया करा रहे हैं। अमेरिकी राजदूत Tammy Bruce ने इसे संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन बताया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी
सऊदी सैन्य प्रवक्ता Maj. Gen. Turki al-Malki ने इन हमलों को समुद्री डकैती करार दिया है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि वे इन हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार मानते हैं और अगर आगे ऐसी घटनाएं हुईं, तो वे कड़ी सैन्य कार्रवाई करेंगे। इस बीच, अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। दूसरी तरफ, IRGC ने भी दावा किया कि उन्होंने कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया है। ओमान ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और क्षेत्र में शांति बहाली के लिए बातचीत शुरू करने की कोशिश कर रहा है।
