ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत अब पूरी तरह अटक गई है. जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने यहां तक कह दिया कि ईरान ने अमेरिका को दुनिया के सामने शर्मिंदा कर दिया है. इस मुद्दे पर अब अमेरिका और यूरोप के देशों के बीच भी मतभेद बढ़ते जा रहे हैं और पश्चिमी देशों में दरार साफ दिखने लगी है.

👉: Kuwait और UK की बड़ी मीटिंग, रक्षा मंत्री Luke Pollard पहुंचे कुवैत, सैन्य ताकत बढ़ाने पर हुई बात

जर्मनी के चांसलर ने ईरान और अमेरिका को लेकर क्या कहा?

जर्मनी के चांसलर Friedrich Merz ने सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को छात्रों से बात करते हुए कहा कि ईरान बातचीत न करने में बहुत माहिर है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी अधिकारी बातचीत के लिए इस्लामाबाद गए लेकिन वहां कोई नतीजा नहीं निकला. Merz ने कहा कि ईरानी नेतृत्व और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की वजह से एक पूरा देश अपमानित हो रहा है. उन्होंने अमेरिका की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पास इस युद्ध से बाहर निकलने की कोई साफ योजना नहीं है और इसकी तुलना उन्होंने अफगानिस्तान और इराक के पुराने युद्धों से की.

बातचीत क्यों रुकी और राष्ट्रपति ट्रंप का क्या स्टैंड है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 25 अप्रैल 2026 को Jared Kushner और Steve Witkoff की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी थी. यह यात्रा ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए तय की गई थी. ट्रंप का मानना है कि सारी ताकत अमेरिका के पास है और अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो उसे ही पहले संपर्क करना चाहिए. दूसरी तरफ, यूरोप के देश जैसे फ्रांस, ब्रिटेन, इटली और स्पेन इस मामले में अमेरिका के सैन्य दबाव वाले तरीके से सहमत नहीं हैं और वे कूटनीति से मामला सुलझाना चाहते हैं.

दुनिया और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर पड़ रहा है?

Strait of Hormuz में तनाव की वजह से जर्मनी और पूरे यूरोप की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है क्योंकि वहां ऊर्जा की सप्लाई बाधित हो रही है. UN के महासचिव António Guterres ने परमाणु खतरों को लेकर चेतावनी दी है और कहा है कि दुनिया परमाणु वृद्धि के खतरों को भूलती जा रही है. वहीं, कुवैत ने 4 मार्च 2026 को UN को पत्र लिखकर ईरान द्वारा अपने इलाके पर किए गए हमलों की शिकायत की थी और अपनी सुरक्षा के अधिकार पर जोर दिया था.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका की बातचीत क्यों रुकी?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान जाने वाले अपने दूतों की यात्रा रद्द कर दी और कहा कि बातचीत की पहल ईरान को करनी चाहिए.

Strait of Hormuz विवाद का यूरोप पर क्या असर है?

इस समुद्री रास्ते में तनाव और रुकावट की वजह से यूरोप में ऊर्जा संकट पैदा हुआ है जिससे वहां की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com