ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के साथ अपने रिश्तों और बातचीत को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि परमाणु एजेंसी के साथ उनकी बातचीत पहले से तय नियमों और प्रक्रियाओं के हिसाब से ही चलती रहेगी। यह खबर ऐसे समय में आई है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और अंतरराष्ट्रीय निगरानी को लेकर दुनिया भर में चर्चाएं हो रही हैं।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baghaei ने सोमवार, 22 जून 2026 को बताया कि IAEA के साथ बातचीत देश की प्रतिबद्धताओं और सुरक्षा समझौतों के आधार पर होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में ईरान की संसद (Islamic Consultative Assembly) की मंजूरी और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के फैसलों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

अमेरिका के दावों का किया खंडन

इस मामले में अमेरिका और ईरान के बयानों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance और ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने दावा किया था कि ईरान ने IAEA के निरीक्षकों (Inspectors) को अपने परमाणु ठिकानों पर आने की अनुमति दे दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इसे परमाणु ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम बताया था।

हालांकि, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA और Tasnim ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि 21 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ हुई 18 घंटे की बातचीत में परमाणु मुद्दों पर कोई नया वादा नहीं किया गया। ईरान ने अमेरिकी दावों को गलत और नुकसानदेह बताया है।

पुराना विवाद और मौजूदा स्थिति

  • सहयोग में कमी: ईरान ने जून 2025 में IAEA के साथ सहयोग बंद कर दिया था, क्योंकि एजेंसी ने उसके परमाणु ठिकानों पर हुए इजरायली और अमेरिकी हमलों की निंदा नहीं की थी।
  • निरीक्षण की समस्या: फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, IAEA को ईरान की चार मुख्य परमाणु सुविधाओं तक पहुंच नहीं मिली थी, जिससे परमाणु सामग्री की जांच करना मुश्किल हो गया था।
  • भविष्य की शर्त: ईरान ने संकेत दिया है कि भविष्य में परमाणु बातचीत तभी होगी जब ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ का आर्टिकल 13 पूरी तरह लागू किया जाएगा।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.