ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने आईएईए के महानिदेशक रफ़ाएल ग्रॉसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरानी सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, गरीबाबादी ने कहा कि ग्रॉसी पूरी तरह से अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्रभाव में काम कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच परमाणु समझौते को लेकर बातचीत चल रही है।
ईरान ने IAEA प्रमुख रफ़ाएल ग्रॉसी पर क्या आरोप लगाए हैं?
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने आरोप लगाया कि रफ़ाएल ग्रॉसी पूरी तरह से अमेरिका और वाशिंगटन के नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा कि आईएईए प्रमुख उन सैन्य हमलों की निंदा करने में विफल रहे हैं, जो अमेरिका और इसराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए थे। गरीबाबादी के अनुसार, आईएईए जिन तकनीकी दिक्कतों या जानकारी की कमी की बात कर रहा है, वे ईरान की गलती नहीं बल्कि इन सैन्य हमलों का नतीजा हैं। उन्होंने साफ कहा कि कोई भी व्यक्ति हमलों के मुख्य कारण को नजरअंदाज करके इसके परिणामों के लिए ईरान को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकता।
परमाणु ठिकानों पर हमले और हालिया तनाव की क्या है वजह?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जून 2025 और इस साल 28 फरवरी को ईरान के परमाणु ठिकानों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया गया था, जिसका आरोप अमेरिका और इसराइल पर लगा था। इसके बाद ईरान ने आईएईए के साथ अपना सहयोग निलंबित कर दिया था। रफ़ाएल ग्रॉसी ने 5 जून को कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक समझौता होने के करीब है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान से उन्हें पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसके तुरंत बाद अमेरिका ने एक प्रस्ताव लाकर उन ठिकानों तक तुरंत पहुंच की मांग की जिन्हें फरवरी से सील कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के परमाणु ठिकानों पर कब हमले हुए थे?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के परमाणु ठिकानों पर जून 2025 और इस साल 28 फरवरी को सैन्य हमले हुए थे, जिसके बाद से दोनों पक्षों में तनाव काफी बढ़ गया है।
रफ़ाएल ग्रॉसी ने परमाणु समझौते को लेकर क्या बयान दिया था?
आईएईए के महानिदेशक रफ़ाएल ग्रॉसी ने 5 जून 2026 को कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर एक नया समझौता ढांचा तैयार होने के काफी करीब है।
