ईरान अपने पूर्व नेता इमाम खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा है। संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबाफ ने लोगों से इस जनाज़े में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की है। सरकार का मानना है कि यह आयोजन देश की ताकत और एकता को पूरी दुनिया के सामने रखेगा।
ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि इस जनाज़े में लोगों की भारी भीड़ होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यह आयोजन दुनिया को यह बताने का तरीका होगा कि ईरान के लोग चुप नहीं बैठेंगे और वे अपने नेता के रास्ते पर चलेंगे। वहीं, डिप्टी स्पीकर Hamidreza Hajibabaei ने इसे ईरान की राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय ताकत दिखाने का एक मौका बताया है।
जनाज़े का पूरा शेड्यूल और जगह
इमाम खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्में 4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 तक अलग-अलग शहरों में होंगी। इसका पूरा विवरण इस प्रकार है:
- 4-5 जुलाई 2026: तेहरान के Grand Imam Khomeini Mosalla में लोगों को आखिरी विदाई देने और देखने का मौका मिलेगा।
- 6 जुलाई 2026: तेहरान में एक बड़ा जनाज़ा निकाला जाएगा। इसमें उन परिवार के सदस्यों के शव भी होंगे जो 28 फरवरी के हमले में मारे गए थे।
- 7 जुलाई 2026: पवित्र शहर Qom में जनाज़े की नमाज़ और जुलूस निकाला जाएगा।
- 8 जुलाई 2026: इराक के Najaf और Karbala में भी जुलूस निकाला जाएगा।
- 9 जुलाई 2026: आखिरी रस्म के बाद Mashhad के Imam Reza Shrine में उन्हें दफनाया जाएगा।
सुरक्षा और इंतज़ाम
ईरानी सरकार इस बड़े आयोजन के लिए भारी तैयारी कर रही है। अनुमान है कि तेहरान, Qom और Mashhad जैसे मुख्य शहरों में करीब 2 करोड़ लोग जुट सकते हैं। भीड़ को संभालने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और ज़रूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है ताकि ताबूत को सुरक्षित ले जाया जा सके।
बता दें कि 28 फरवरी को हुई हत्या के बाद सरकार ने 40 दिनों के शोक और एक हफ्ते की राष्ट्रीय छुट्टी का ऐलान किया था। इस आयोजन की देखरेख के लिए एक खास कमेटी बनाई गई है जिसमें सरकारी और सामाजिक संस्थाएं मदद कर रही हैं।
