ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री Dr. S. Jaishankar और प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की। यह बैठक 15 मई 2026 को BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। इस दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा और व्यापार को लेकर अपनी अहम भूमिका पर बात की और भारत के साथ क्षेत्रीय विकास पर चर्चा की।
होर्मुज की सुरक्षा और व्यापार पर ईरान का क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने स्पष्ट किया कि ईरान हमेशा होर्मुज की सुरक्षा के लिए अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाता रहेगा। उन्होंने कहा कि ईरान सभी मित्र देशों का एक भरोसेमंद साथी है और ये देश व्यापार की सुरक्षा के लिए ईरान पर विश्वास कर सकते हैं। Araghchi ने यह भी बताया कि उन जहाजों को छोड़कर जो ईरान के साथ युद्ध में हैं, सभी जहाज होर्मुज से गुजर सकते हैं, बस उन्हें ईरान की नौसेना के साथ तालमेल रखना होगा।
भारत के साथ बैठक में किन मुद्दों पर बात हुई?
नई दिल्ली में हुई इस मुलाकात में Dr. S. Jaishankar और Seyed Abbas Araghchi ने पश्चिम एशिया के हालात और उससे होने वाले असर पर विस्तार से बात की। Araghchi ने भारत को वहां चल रहे युद्ध के नाज़ुक युद्धविराम और स्थायी शांति के लिए चल रही बातचीत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने अमेरिका की नीतियों को बुलिंग बताया और कहा कि सदस्य देशों को मिलकर इन तौर-तरीकों को खत्म करना चाहिए। उन्होंने यह भी साफ किया कि ईरान का अमेरिका पर कोई भरोसा नहीं है और वह केवल तभी बातचीत करेगा जब वाशिंगटन गंभीर होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या सभी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकते हैं?
ईरान के विदेश मंत्री के अनुसार, उन जहाजों को छोड़कर जो ईरान के साथ युद्ध में हैं, सभी जहाज वहां से गुजर सकते हैं, लेकिन उन्हें ईरान की नौसेना के साथ समन्वय करना होगा।
ईरान और भारत की यह मुलाकात कब और कहाँ हुई?
यह मुलाकात 15 मई 2026 को नई दिल्ली में BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई, जिसमें विदेश मंत्री Dr. S. Jaishankar और प्रधानमंत्री Narendra Modi शामिल थे।
