ईरान और भारत के विदेश मंत्रियों के बीच हाल ही में क्षेत्रीय हालातों को लेकर फोन पर विस्तार से चर्चा हुई। इस बातचीत का मुख्य केंद्र क्षेत्र में बढ़ता तनाव और हाल की कुछ सैन्य घटनाएं रहीं। भारत ने इस दौरान सभी देशों की सीमाओं का सम्मान करने और शांति बनाए रखने पर जोर दिया है। यह बातचीत दोनों देशों के बीच पुराने और मजबूत कूटनीतिक रिश्तों को बनाए रखने की एक कोशिश है।

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भारत ने शांति और संयम बरतने की अपील की

भारत के विदेश मंत्रालय ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। भारत का कहना है कि किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। भारत ने आधिकारिक बयान में कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा सबसे पहले होनी चाहिए और तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने चाहिए। भारत ने साफ किया कि वह क्षेत्र में स्थिरता और शांति का पक्षधर है।

ईरानी उप विदेश मंत्री का दिल्ली दौरा और बयान

ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादा ने भी नई दिल्ली का दौरा किया और महत्वपूर्ण बयान दिए। उन्होंने भारत के साथ ईरान के पुराने रिश्तों का जिक्र किया और बताया कि ईरान बाहरी दबावों का मजबूती से सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने एक निहत्थे ईरानी जहाज पर हुए हमले का मुद्दा भी उठाया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ बताया।

  • भारत और ईरान के बीच 6 मार्च 2026 को फोन पर चर्चा हुई।
  • भारत ने 28 फरवरी 2026 को ही संयम बरतने का बयान जारी किया था।
  • ईरान ने भारत के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखने की इच्छा जताई है।
  • क्षेत्रीय सुरक्षा और व्यापारिक हितों को लेकर भी बातचीत की गई है।

क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा पर चर्चा के मुख्य बिंदु

विषय भारत का पक्ष ईरान का पक्ष
क्षेत्रीय तनाव शांति और संयम की अपील बाहरी दबाव का विरोध
सीमा सुरक्षा अखंडता का सम्मान जरूरी जहाजों पर हमले का मुद्दा
द्विपक्षीय रिश्ते बातचीत जारी रखने पर जोर पुराने संबंधों को मजबूती देना