दुनिया में चल रही उथल-पुथल और अनिश्चित माहौल के बीच भारत और ईरान एक दूसरे के करीब आ रहे हैं. दोनों देशों के लिए यह रिश्ता अब सिर्फ आपसी दोस्ती नहीं बल्कि एक रणनीतिक जरूरत बन गया है. ईरान के राजदूत ने साफ तौर पर कहा है कि आज के समय में भारत के साथ संबंध मजबूत रखना दोनों देशों के हित में है.

भारत और ईरान के बीच इतनी नजदीकियां क्यों बढ़ रही हैं?

ईरान और भारत के बीच यह रिश्ता कई वजहों से जरूरी है. इसके कुछ मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:

  • जरूरी सामान की आपूर्ति: ईरान के लिए भारत भोजन और दवाइयों का एक बहुत बड़ा स्रोत है, जो ईरान की आंतरिक स्थिरता के लिए बहुत जरूरी है.
  • संतुलित विदेश नीति: ईरान का मानना है कि भारत एक ऐसा देश है जो अमेरिका और इजराइल के साथ अच्छे रिश्ते रखते हुए भी ईरान के साथ अपने व्यावहारिक संबंध बनाए रख सकता है.
  • शांति और कूटनीति: ईरान के राजदूत Mohammad Fatali ने बताया कि उनका देश शांति चाहता है, लेकिन वे युद्ध और शांति दोनों तरह की स्थितियों के लिए तैयार हैं.

Chabahar Port और INSTC का क्या महत्व है?

ईरान और भारत के बीच आर्थिक सहयोग का सबसे बड़ा उदाहरण Chabahar Port है. इसे लेकर कुछ अहम बातें सामने आई हैं:

  • पाकिस्तान को बायपास करना: Chabahar Port के जरिए भारत अब पाकिस्तान के रास्ते बिना गए सीधे अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक अपनी पहुंच बना सकता है.
  • INSTC का हिस्सा: यह पोर्ट International North-South Transport Corridor का एक अहम हिस्सा है. इससे मुंबई से लेकर रूस और यूरोप तक सामान भेजने का समय और खर्चा दोनों कम हो जाएंगे.
  • बाहरी दबाव का असर नहीं: ईरान सरकार ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों या बाहरी दबावों के बावजूद Chabahar Port जैसे रणनीतिक प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रहेगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Chabahar Port भारत के लिए क्यों जरूरी है?

यह पोर्ट भारत को पाकिस्तान के बिना अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक व्यापारिक पहुंच देता है, जिससे व्यापार आसान और सस्ता हो जाता है.

ईरान भारत के साथ अपने रिश्तों को ‘जरूरत’ क्यों कह रहा है?

ईरान को अपनी घरेलू स्थिरता के लिए भारत से दवाइयों और खाद्य सामग्री की जरूरत है, साथ ही वह भारत की संतुलित विदेश नीति का सम्मान करता है.