ईरान और भारत के बीच Strait of Hormuz से जहाजों के आने-जाने को लेकर बातचीत चल रही है। ईरान ने भारत को भरोसा दिलाया है कि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा और उनकी मदद की जाएगी। हालांकि, इस समुद्री रास्ते से गुजरने के लिए पैसे या टोल वसूलने की खबरों पर ईरान ने सफाई दी है।

ईरान और भारत के बीच क्या बातचीत हुई?

ईरानी राजदूत Mohammad Fathali ने 13 अप्रैल 2026 को भारत को भरोसा दिया कि भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के साथ उनका तालमेल काफी अच्छा है। दूसरी तरफ, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने साफ कहा है कि सभी जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के आने-जाने की आजादी मिलनी चाहिए। भारत सरकार उन जहाजों को वापस लाने की कोशिश कर रही है जो वहां फंसे हुए हैं।

टोल टैक्स और जहाजों की स्थिति क्या है?

ईरान ने इस बात से इनकार किया है कि वह भारतीय जहाजों से टोल ले रहा है। लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ‘तेहरान टोल बूथ’ के नाम से कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर तक वसूले गए। आंकड़ों के मुताबिक 16 मार्च से 5 अप्रैल 2026 के बीच कम से कम 8 भारतीय जहाज इस रास्ते से सुरक्षित निकले। इनमें LPG करियर और कच्चे तेल के टैंकर शामिल थे।

Strait of Hormuz से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां

तारीख/विषय मुख्य जानकारी
13 अप्रैल 2026 ईरानी राजदूत ने भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ते का भरोसा दिया
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जहाजों की संख्या 16 मार्च से 5 अप्रैल के बीच 8 भारतीय जहाज सुरक्षित निकले
टोल रिपोर्ट कुछ ऑपरेटरों से 20 लाख डॉलर तक शुल्क लेने का दावा