ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव की वजह से वहां पढ़ाई कर रहे हजारों भारतीय छात्र मुश्किल में फंसे हुए हैं। ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पूरी तरह रुक गई हैं। ऐसी स्थिति में ईरान सरकार ने विदेशी छात्रों को जमीनी सीमाओं (Land Borders) के जरिए देश छोड़ने की अनुमति दी है। भारतीय दूतावास ने छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए जरूरी प्रोटोकॉल जारी किए हैं और उन्हें लगातार संपर्क में रहने को कहा है।

ईरान से बाहर निकलने के लिए क्या हैं नए नियम?

ईरानी अधिकारियों ने Tasnim News के माध्यम से जानकारी दी है कि जो छात्र फ्लाइट्स बंद होने की वजह से फंसे हैं, वे तुर्की और आर्मेनिया की जमीनी सीमाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। भारतीय दूतावास उन छात्रों के लिए इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट जारी कर रहा है जिनके वीज़ा की अवधि खत्म हो गई है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान अपना पासपोर्ट और ओरिजिनल आईडी कार्ड साथ रखें। सुरक्षित यात्रा के लिए छात्रों को ग्रुप में चलने और अपने जीपीएस लोकेशन को दूतावास के साथ साझा करने की सलाह दी गई है।

यूनिवर्सिटी और परीक्षाओं को लेकर क्या है ताजा स्थिति?

सुरक्षा कारणों से तेहरान, इस्फहान और शिराज जैसे मुख्य शहरों में सभी यूनिवर्सिटी और हॉस्टल बंद कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए निम्नलिखित बड़े फैसले लिए हैं:

  • इस हफ्ते होने वाली सभी टर्म-एंड परीक्षाएं अनिश्चित काल के लिए टाल दी गई हैं।
  • सुरक्षा स्थिति सामान्य होने के बाद ही परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
  • ईरानी शिक्षा मंत्रालय ने साफ किया है कि इस संकट के कारण छात्रों के एकेडमिक रिकॉर्ड पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
  • छूटी हुई पढ़ाई को पूरा करने के लिए बाद में स्पेशल सेशन आयोजित किए जाएंगे।
  • ईरान में करीब 4,000 से 6,000 भारतीय छात्र मेडिकल और लैंग्वेज कोर्स कर रहे हैं।