ईरान में महंगाई इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि आम परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है। अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे युद्ध ने हालात को और ज्यादा खराब कर दिया है। अब इस जंग को खत्म करने के लिए पाकिस्तान के जरिए बातचीत की कोशिशें तेज कर दी गई हैं ताकि आम लोगों को इस संकट से राहत मिल सके।

ईरान में महंगाई और खाने-पीने की चीजों के दाम का हाल

ईरान के स्टैटिस्टिकल सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च और अप्रैल 2026 में खाने-पीने की चीजों की महंगाई 115 फीसदी तक पहुंच गई है। वहां की करेंसी गिरने और अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री नाकाबंदी की वजह से बाजार में सामान की कमी हो गई है। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि इस युद्ध की वजह से दुनिया भर में खाने की कीमतों में पिछले तीन साल का सबसे बड़ा उछाल आया है।

विवरण डेटा / कीमत
खाद्य मुद्रास्फीति (मार्च-अप्रैल 2026) 115%
कुल महंगाई (सभी सामान और सेवाएं) 73.5%
पैकेट चीनी (पुरानी कीमत) 95,000 तोमान प्रति किलो
पैकेट चीनी (नई कीमत) 125,000 तोमान प्रति किलो
अंडों की एक ट्रे लगभग 600,000 तोमान
वैश्विक खाद्य कीमतें 3 साल के उच्चतम स्तर पर
WFP का अनुमान (अतिरिक्त प्रभावित लोग) 4.5 करोड़ लोग

क्या है अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने का प्लान

10 मई 2026 को ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव पर अपना जवाब भेजा है। ईरान चाहता है कि लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध पूरी तरह खत्म हो और जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे। अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध दोबारा शुरू करने से पहले कूटनीति को पूरा मौका दे रहे हैं।

इस पूरे विवाद की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने भी इसराइल और अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। शांति प्रस्ताव में होर्मुज जलमार्ग को खोलने, अमेरिकी नाकाबंदी हटाने और ईरान पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करने जैसी बातें शामिल हैं। इसी बीच कतर के पास एक जहाज पर ड्रोन हमले और यूएई व कुवैत के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ की खबरें भी सामने आई हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में महंगाई बढ़ने का मुख्य कारण क्या है

ईरान में अमेरिका द्वारा लागू की गई समुद्री नाकाबंदी, करेंसी की गिरती कीमत और अमेरिका-इसराइल के साथ चल रहे युद्ध की वजह से महंगाई बहुत बढ़ गई है।

युद्ध रोकने के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं

प्रस्ताव में ईरान द्वारा होर्मुज जलमार्ग को खोलने, अमेरिका द्वारा नाकाबंदी हटाने, ईरानी परमाणु संवर्धन पर रोक लगाने और ईरान की जमी हुई रकम वापस करने जैसी शर्तें शामिल हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.