अमेरिका ने ईरान के सामने युद्ध खत्म करने के लिए 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव रखा है। पाकिस्तान के माध्यम से भेजे गए इस प्रस्ताव पर ईरान की शुरुआती प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं रही है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे अभी इस प्रस्ताव का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं। इस बीच खाड़ी देशों में सैन्य तनाव और मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है जिससे पूरे क्षेत्र में चिंता बनी हुई है।

अमेरिकी प्रस्ताव में क्या मुख्य शर्तें रखी गई हैं?

अमेरिका ने ईरान के सामने कई कड़ी शर्तें रखी हैं जिन्हें पूरा करने पर प्रतिबंधों में ढील देने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव के प्रमुख बिंदुओं को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:

विषय अमेरिकी मांग
परमाणु कार्यक्रम यूरेनियम संवर्धन रोकना और परमाणु क्षमताओं को खत्म करना
निगरानी परमाणु ठिकानों की IAEA द्वारा पूरी जांच और निगरानी
सैन्य मदद क्षेत्रीय समूहों को पैसा और हथियार देना बंद करना
समुद्री रास्ता हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना
मिसाइल मिसाइल बनाने की सीमा तय करना

ईरान का इस मामले पर क्या रुख है?

ईरानी सरकार के सूचना परिषद के प्रमुख ने इस प्रस्ताव को केवल एक ‘विश लिस्ट’ करार दिया है। ईरान का कहना है कि युद्ध तभी खत्म होगा जब अमेरिका और इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाई पूरी तरह बंद करेंगे। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसे शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक का अधिकार है और किसी भी समझौते से पहले सभी प्रतिबंध हटने चाहिए।

  • ईरान ने शुरुआती तौर पर प्रस्ताव को ‘अत्यधिक’ और ‘मीडिया की अटकलबाजी’ बताया है।
  • राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा कि सुरक्षा की गारंटी मिलने पर ही युद्ध रुकेगा।
  • ईरान ने समुद्री रास्तों के लिए सुरक्षा का आश्वासन दिया है लेकिन इसके लिए समन्वय जरूरी बताया है।
  • पाकिस्तान और तुर्की इस मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।

आम आदमी और प्रवासियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?

खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी महत्वपूर्ण है। समुद्र और हवाई रास्तों पर तनाव बढ़ने से यात्रा और सामानों की आवाजाही महंगी हो सकती है। कुवैत और दुबई जैसे इलाकों में हालिया घटनाओं के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अगर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल होती है, तो इससे तेल की कीमतों और खाड़ी में रोजगार के बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.