Iran News: ईरान में मोसाद के 21 एजेंट गिरफ्तार, इराक ने जब्त किए खतरनाक ड्रोन और मिसाइल.

Sushma Kumari8 August 20263 min read73 viewsSaudi
Iran News: ईरान में मोसाद के 21 एजेंट गिरफ्तार, इराक ने जब्त किए खतरनाक ड्रोन और मिसाइल.

तेहरान और बगदाद से सामने आई बड़ी खबर के अनुसार, मध्य पूर्व में सुरक्षा को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है। ईरान की खुफिया एजेंसी ने देश के विभिन्न हिस्सों से खुफिया जानकारी जुटाने वाले कई लोगों को पकड़ा है। वहीं दूसरी तरफ, पड़ोसी देश इराक ने भी सुरक्षा को और मजबूत करते हुए खतरनाक हथियारों को अपने कब्जे में लिया है। आम जनता और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस पूरे घटनाक्रम का क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर पड़ रहा है।

ईरान में खुफिया एजेंसी का बड़ा एक्शन

ईरान के Ministry of Intelligence ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि उन्होंने 8 अगस्त 2026 को کرمان शहर से कुल 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पकड़े गए लोगों पर इजराईली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम करने का गंभीर आरोप लगा है। अधिकारियों के मुताबिक ये लोग देश के संवेदनशील सैन्य और रक्षा ठिकानों की खुफिया जानकारी चुपचाप इकट्ठा कर रहे थे और उसे एक विदेशी आतंकवादी नेटवर्क को भेज रहे थे। ईरान की सरकार ने यह भी बताया कि इन संदिग्धों के साथ चार सशस्त्र आतंकवादी समूहों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई है। इससे पहले 6 अगस्त 2026 को भी کرمان प्रांत से ही 21 ऐसे ही लोगों को पकड़ा गया था जो सैन्य और एयर-डिफेंस ठिकानों की जासूसी में शामिल थे।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इराक में जब्त हुए आधुनिक ड्रोन और मिसाइल

एक तरफ जहां ईरान अपनी आंतरिक सुरक्षा और जासूसी मामलों से जूझ रहा है, वहीं इराक की सुरक्षा बलों ने भी एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इराकी सुरक्षा बलों ने 8 अगस्त 2026 को बड़ी मात्रा में आधुनिक ड्रोन और मिसाइलें जब्त की हैं। इन हथियारों का इस्तेमाल देश के बाहर हमलों के लिए किया जाना था। इराक की संघीय सरकार ने हाल के दिनों में उन ईरानी समर्थित मिलिशिया समूहों पर लगाम कसने के प्रयास तेज कर दिए हैं जो पड़ोसी देशों जैसे सऊदी अरब और जॉर्डन को निशाना बनाते रहे हैं। सरकार ने अगस्त के शुरुआती दिनों से ही ऐसे सुरक्षा अधिकारियों पर भारी जुर्माना और सजा का प्रावधान किया है जो इन हमलों में मदद करते हैं और सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और संयुक्त समिति का गठन

बढ़ते तनाव और पड़ोसी देशों की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इराकी प्रधानमंत्री Ali al Zaydi ने 1 अगस्त 2026 को एक विशेष 'संयुक्त सुरक्षा समिति' के गठन का आदेश दिया था। इस समिति का मुख्य काम ऐसे कड़े उपाय खोजना है जिससे भविष्य में किसी भी पड़ोसी देश पर मिलिशिया द्वारा हमला न किया जा सके। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले 27 जुलाई 2026 को इराकी मिलिशिया ने सऊदी अरब के तेल क्षेत्रों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे, जिन्हें सऊदी रक्षा प्रणाली ने हवा में ही नाकाम कर दिया था। इन लगातार हो रही घटनाओं के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, हालांकि स्थानीय सरकारें स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

Share:

Comments

Leave a comment