ईरान के खुफिया मंत्रालय ने एक बड़ा बयान जारी कर दावा किया है कि उनके दुश्मनों को जंग के मैदान में शिकस्त मिल चुकी है। मंत्रालय के अनुसार, सीधे मुकाबले में नाकाम रहने के बाद अब विरोधी ताकतें ईरान के खिलाफ हाइब्रिड वॉर यानी छद्म युद्ध का सहारा ले रही हैं। इस बीच ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर का उल्लंघन करने और दक्षिणी ईरान में हमले करने का भी गंभीर आरोप लगाया है जिससे क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।

ईरान ने दुश्मनों पर क्यों लगाया हाइब्रिड जंग का आरोप?

ईरान के खुफिया मंत्रालय ने 27 मई 2026 को जारी एक विस्तृत बयान में कहा कि विरोधी ताकतें अब सीधे सैन्य मुकाबले के बजाय आर्थिक दबाव और सोशल मीडिया के जरिए देश के अंदरूनी मामलों में दखल देने की कोशिश कर रही हैं। मंत्रालय का कहना है कि इसके लिए विदेशी फारसी मीडिया और कुछ खास नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि आम जनता के बीच असंतोष पैदा किया जा सके। इसके अलावा ईरान के उत्तर-पश्चिमी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में अशांति फैलाने के लिए चरमपंथी गुटों को बढ़ावा देने की भी साजिश रची जा रही है।

अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप और जलसंधि पर गतिरोध

ईरान के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी सेना ने रात के समय दक्षिणी ईरान और Strait of Hormuz यानी हॉर्मुज जलसंधि में उसके ठिकानों और नावों पर हमले किए हैं। इस हमले में ईरान के 4 नौसैनिकों की मौत की खबर है। ईरान के उप सुरक्षा सचिव अली बाघेरी ने साफ किया है कि हॉर्मुज जलसंधि को लेकर अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं हुआ है और इस रास्ते से जहाजों के गुजरने के नए नियमों पर ओमान के साथ अलग से बातचीत चल रही है।

परमाणु कार्यक्रम और जब्त पैसे को लेकर अड़ा ईरान

ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और अन्य सरकारी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अपने परमाणु कार्यक्रम पर कोई चर्चा नहीं करेंगे और यूरेनियम संवर्धन का अपना अधिकार नहीं छोड़ेंगे। इसके साथ ही ईरान की मांग है कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर होते ही उसकी जब्त की गई आधी रकम तुरंत जारी की जाए और बाकी आधी रकम 60 दिनों के भीतर दी जाए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि इस पैसे का इस्तेमाल देश के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को और मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के खुफिया मंत्रालय ने दुश्मनों को लेकर क्या दावा किया है?

मंत्रालय ने दावा किया है कि दुश्मन सीधे सैन्य मुकाबले में हार चुके हैं और अब वे आर्थिक दबाव, अफवाहों और हाइब्रिड वॉर के जरिए देश में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

हॉर्मुज जलसंधि को लेकर क्या ताजा स्थिति है?

ईरान के अनुसार अमेरिका के साथ इस जलसंधि को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है। ईरान इस समुद्री रास्ते से जहाजों के सुरक्षित गुजरने के लिए ओमान सरकार से बातचीत कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.