ईरान में प्रदर्शनों के बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी हुई है। तेहरान के अभियोजकों ने उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है जो प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे थे। 30 जुलाई 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए अपना दबाव और तेज कर दिया है।
फांसी की सजा और कानूनी कार्यवाही
हाल ही में 28 जुलाई 2026 को इस्फ़हान में Amirhossein Safari और Abolfazl Sepahi को फांसी दी गई थी। इन्हें 8 जनवरी को प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 19 जुलाई को 18 वर्षीय Erfan Esfandiari और 23 वर्षीय अफगान नागरिक Gol-Mohammad Mohammadi को भी फांसी पर लटकाया गया था। ये सभी लोग समान मामलों से जुड़े थे।
ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स की चिंता
एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत कई मानवाधिकार समूहों ने इन मुकदमों को गलत और टॉर्चर पर आधारित बताया है। आरोप है कि लोगों से जबरन जुर्म कबूल करवाए गए और उन पर भगवान के खिलाफ दुश्मनी जैसे गंभीर आरोप लगाकर सजा सुनाई गई। संयुक्त राष्ट्र के 13 विशेषज्ञों ने भी 28 जुलाई को कहा कि ईरानी प्रशासन हर तरह के विरोध को कुचलने की कोशिश कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख Volker Turk ने 15 जून 2026 को अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इस साल की शुरुआत से अब तक ईरान में कम से कम 40 लोगों को फांसी दी जा चुकी है, जिनमें से 18 प्रदर्शनकारी शामिल थे। फिलहाल कम से कम 60 लोग ऐसे हैं जिन्हें मौत की सजा सुनाई जा चुकी है या वे इसी तरह के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, जिनमें तीन वे लोग भी हैं जिन्हें बच्चों के तौर पर गिरफ्तार किया गया था।
