ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। 14 जुलाई 2026 को ईरान की सेना ने जानकारी दी कि उन्होंने अपने एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए Bandar Abbas के पास एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। यह ड्रोन Hajiabad के करीब ईरानी हवाई क्षेत्र में देखा गया था, जिसे सुरक्षा के मद्देनजर ईरानी नौसेना ने नष्ट कर दिया।
क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई और बढ़ा तनाव
अमेरिकी सेना के CENTCOM ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति Donald Trump के आदेश पर ईरान के सैन्य ठिकानों पर लगातार तीसरे दिन हमले किए गए। इन हमलों का लक्ष्य Bushehr, Chah Bahar, Jask, Konarak, Abu Musa और Bandar Abbas में स्थित ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकाने थे। इन हमलों का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना बताया गया है।
समुद्री ड्रोन का पहली बार उपयोग
तनाव के बीच 13 जुलाई 2026 को अमेरिका ने पहली बार Corsair नाम के तीन समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए Bandar Abbas स्थित एक नौसैनिक सुविधा केंद्र पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान के IRGC ने भी जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर 17 जून 2026 को हुए शांति समझौते के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
