ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश में नेतृत्व को लेकर बड़ी हलचल मची हुई है। सोशल मीडिया पर कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि नए नियुक्त अंतरिम नेता अयातुल्ला अली रजा अराफी की एक हवाई हमले में मौत हो गई है। हालांकि ईरानी सरकार या वहां की सेना आईआरजीसी ने अभी तक इस खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल ईरान में तीन सदस्यीय अंतरिम परिषद शासन की जिम्मेदारी संभाल रही है और देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

अयातुल्ला अराफी की मौत की खबरों का क्या है सच?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह दावा किया गया कि जिम्मेदारी संभालने के कुछ ही घंटों बाद अयातुल्ला अराफी की मौत हो गई। लेकिन अब तक किसी भी बड़ी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने इसकी जानकारी नहीं दी है। ईरान सरकार ने केवल अयातुल्ला खामेनेई की मौत की पुष्टि की है जो 28 फरवरी को एक हमले में मारे गए थे। अराफी की मौत की बात अभी सिर्फ एक अफवाह है और आधिकारिक तौर पर वह परिषद के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।

ईरान में सत्ता परिवर्तन और मौजूदा नेतृत्व की जानकारी

ईरान के संविधान के अनुच्छेद 111 के अनुसार सुप्रीम लीडर की अनुपस्थिति में एक अस्थायी परिषद काम करती है। इस परिषद में निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं जो अभी देश चला रहे हैं:

  • अयातुल्ला अली रजा अराफी: वरिष्ठ मौलवी और परिषद के धार्मिक सदस्य
  • मसूद पेजेशक्यान: ईरान के वर्तमान राष्ट्रपति
  • गुलाम हुसैन मोहसेनी एजेई: ईरान के मुख्य न्यायाधीश

ईरान में फिलहाल 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियां हैं। सेना ने नए चीफ के तौर पर अहमद वाहिदी की नियुक्ति की है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को संभाला जा सके।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और प्रवासियों पर असर

ईरान और अन्य क्षेत्रीय ताकतों के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ सकता है। दुबई, कतर और सऊदी अरब से भारत आने वाली फ्लाइट्स के रूट में सुरक्षा कारणों से बदलाव होने की संभावना रहती है। जो भारतीय नागरिक खाड़ी देशों में रह रहे हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक दूतावास की सूचनाओं पर ध्यान दें। युद्ध जैसे हालात बनने पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.