ईरान के गृह मंत्री ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC की जमकर तारीफ की है। उन्होंने IRGC को देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का सबसे मजबूत स्तंभ बताया। इस मौके पर ईरान के कई अन्य बड़े नेताओं ने भी सेना की ताकत और उसके बलिदानों पर चर्चा की।

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ईरान के बड़े नेताओं ने IRGC के बारे में क्या कहा?

गृह मंत्री के अलावा ईरान के उपराष्ट्रपति ने IRGC को क्षेत्रीय शांति का आधार और संकटों से निपटने वाला मजबूत हाथ बताया। संसद के स्पीकर ने युद्ध के दौरान IRGC द्वारा दिए गए बलिदानों की सराहना की। राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बयान दिया कि IRGC ने दुश्मनों की साजिशों और उनके गलत इरादों को नाकाम किया। वहीं आर्मी चीफ ने कहा कि आर्मी और IRGC की एकता देश की सुरक्षा के लिए एक रणनीतिक संपत्ति है।

IRGC की हालिया कार्रवाई और अंदरूनी तनाव

22 अप्रैल 2026 को IRGC की नौसेना ने Strait of Hormuz में नियमों का उल्लंघन करने वाले दो जहाजों को जब्त किया। इसके साथ ही IRGC ने किसी भी हमले के खिलाफ ऐसी तैयारी का दावा किया है जो दुश्मन की सोच से परे होगी। दूसरी ओर ऐसी खबरें भी आई हैं कि IRGC अमेरिका के साथ बातचीत की योजनाओं का विरोध कर रहा है। कुछ सूत्रों का कहना है कि IRGC ने राष्ट्रपति की नियुक्तियों में भी रुकावटें डाली हैं। अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान के कट्टरपंथी गुटों के बीच प्रभाव बढ़ाने की लड़ाई चल रही है जिसमें IRGC की ताकत बढ़ती दिख रही है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.