ईरान के अंदर इस वक्त भारी खींचतान चल रही है। एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए इस्लामाबाद में बैठकें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ कुवैत की सीमा पर ड्रोन हमले हुए हैं। अमेरिका ने ईरान के तेल पर अपनी नाकेबंदी और सख्त कर दी है, जिससे पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है।

ईरान के अंदर क्या चल रहा है और इस्लामाबाद में क्या होगा?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की सेना (IRGC) के कमांडर Ahmad Vahidi अब काफी प्रभावशाली हो गए हैं। उन्होंने उन नेताओं को किनारे कर दिया है जो अमेरिका के साथ बातचीत में नरम रुख रखना चाहते थे। इसी बीच, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi इस्लामाबाद पहुंचे हैं। ईरान ने साफ़ किया है कि उनकी अमेरिका से कोई सीधी मुलाकात नहीं होगी, बल्कि पाकिस्तान के जरिए संदेश भेजे जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान जल्द ही अमेरिका को कोई प्रस्ताव दे सकता है।

कुवैत पर ड्रोन हमला और अमेरिकी नाकेबंदी का क्या असर है?

24 अप्रैल को कुवैत की उत्तरी सीमा पर दो विस्फोटक ड्रोन से हमला हुआ, जो इराक की तरफ से आए थे। इस हमले में कोई जान नहीं गई, लेकिन सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। दूसरी तरफ, अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के तेल बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रखी है। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि इस नाकेबंदी को अब वैश्विक स्तर पर फैलाया जाएगा ताकि ईरानी तेल की सप्लाई रोकी जा सके।

हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच युद्ध की क्या स्थिति है?

उत्तरी इसराइल में 23 अप्रैल को हिजबुल्लाह ने रॉकेट दागे, जिससे शांति समझौता टूट गया। इसके जवाब में इसराइल ने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हवाई हमले किए। हालांकि, 24 अप्रैल को इस युद्धविराम को अगले तीन हफ्तों के लिए बढ़ा दिया गया है, लेकिन दोनों तरफ से छीना-झपटी जारी है जिससे हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.