अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता एक बार फिर संकट में दिख रही है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान ने बातचीत के रास्ते बंद कर दिए हैं. जबकि ईरान की सरकार इन दावों को पूरी तरह गलत बता रही है और एकजुटता का दावा कर रही है. इस विवाद के बीच अब दुनिया की नजरें पाकिस्तान में होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं.

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ईरान के अंदर क्या चल रहा है और विवाद क्या है?

अमेरिकी रिपोर्टों और Wall Street Journal के मुताबिक ईरान की सरकार के अंदर दो गुट बन गए हैं. एक तरफ कड़े फैसले लेने वाले हार्डलाइनर लोग हैं और दूसरी तरफ वो लोग हैं जो बातचीत के जरिए मसले सुलझाना चाहते हैं. इस खींचतान में कुछ मुख्य बातें सामने आई हैं:

  • IRGC कमांडर Ahmad Vahidi और उनके करीबियों ने बातचीत के लचीले तरीकों का विरोध किया है.
  • संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf जैसे नरमपंथी नेता बातचीत को आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोकने की कोशिश की गई.
  • खबर है कि आपसी मतभेदों और निराशा की वजह से Ghalibaf बातचीत वाली टीम से इस्तीफा दे सकते हैं.
  • Wilson Center के विशेषज्ञों ने बताया कि ईरान का फैसला लेने वाला सिस्टम फिलहाल असमंजस में है.

अमेरिका और ईरान का इस मुद्दे पर क्या कहना है?

इस पूरे मामले पर दोनों देशों के बयानों में बड़ा अंतर है. अमेरिका जहाँ ईरान की कमजोरी बता रहा है, वहीं ईरान अपनी ताकत का दावा कर रहा है:

  • अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान की सरकार अंदर से पूरी तरह टूट चुकी है. उन्होंने शांति प्रस्ताव के लिए समय दिया ताकि ईरान एक तरफा फैसला ले सके.
  • व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Karoline Leavitt ने कहा कि ट्रंप प्रशासन कूटनीति को मौका देना चाहता है, लेकिन उनके नियम बिल्कुल साफ हैं.
  • दूसरी तरफ ईरान के नेताओं ने इन दावों को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के नेतृत्व में पूरी तरह एकजुट हैं.
  • ईरान ने यह शर्त रखी है कि जब तक अमेरिका उनके बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म नहीं करता, तब तक बातचीत नहीं होगी.

अब शांति बातचीत के लिए आगे क्या होगा?

तनाव के बावजूद बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है. पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. आने वाले दिनों में ये बदलाव देखने को मिलेंगे:

  • अमेरिका के खास दूत Steve Witkoff और Jared Kushner शनिवार (26 अप्रैल) को पाकिस्तान रवाना होंगे.
  • CNN की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi इन बातचीत में हिस्सा लेंगे.
  • हालांकि, मुख्य वार्ताकार Mohammad-Bagher Ghalibaf इस बैठक का हिस्सा नहीं होंगे.
  • राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धविराम की समय सीमा बढ़ा दी है ताकि ईरान एक ठोस और साझा प्रस्ताव दे सके.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.