ईरान की अंदरूनी स्थिति को लेकर दुनिया भर में अलग-अलग बातें हो रही हैं। एक तरफ अमेरिका इसे बिखरता हुआ बता रहा है, तो दूसरी तरफ ईरान के अधिकारी इसे पूरी तरह एकजुट कह रहे हैं। भारत में मौजूद ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ मोहम्मद हुसैन जियायनीआ ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उनके देश की व्यवस्था किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है।

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ईरान की सरकार कैसे काम करती है और क्या यह सुरक्षित है?

ANI के साथ एक इंटरव्यू में डॉ मोहम्मद हुसैन जियायनीआ ने बताया कि ईरान की सरकार एक रिपब्लिक है और यहाँ एक तय सिस्टम यानी पदानुक्रम (Hierarchy) के हिसाब से काम होता है। उन्होंने कहा कि जो लोग ईरान के सिस्टम को नहीं जानते, वही आंतरिक तनाव की बातें कर रहे हैं। उनके मुताबिक, ईरान की व्यवस्था इतनी मजबूत है कि किसी एक व्यक्ति के जाने से यह गिर नहीं सकती। उन्होंने यह भी कहा कि पहले आर्थिक प्रतिबंधों की वजह से कुछ मतभेद थे, लेकिन अब लोग समझ चुके हैं कि आर्थिक समस्याएं बाहर से थोपी गई थीं, इसलिए अब जनता एकजुट है।

अमेरिका के दावे और ज़मीनी हकीकत में कितना अंतर है?

ईरान की स्थिति पर अमेरिका और वहाँ के अधिकारियों के बीच भारी मतभेद है। इसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • डोनाल्ड ट्रंप का दावा: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने खुद को पतन की स्थिति (State of Collapse) में बताया है और वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खुलवाना चाहता है।
  • मार्को रूबियो का बयान: अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान के नेतृत्व में गहरी फूट है। उनके अनुसार, व्यावहारिक अधिकारियों और कट्टरपंथियों के बीच तनाव है, जिससे अमेरिका के साथ समझौता करना मुश्किल है।
  • CBS न्यूज़ की रिपोर्ट: तेहरान में मौजूद प्रोड्यूसर सैयद रहीम बथाई ने ट्रंप के दावों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का पूरा नियंत्रण है, हालांकि युद्ध की वजह से महंगाई और सामान की कमी जैसी गंभीर समस्याएं ज़रूर हैं।

ईरान के नेतृत्व में हाल ही में क्या बदलाव आए हैं?

ईरान में पिछले कुछ महीनों में बड़े राजनीतिक बदलाव हुए हैं। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के सैन्य हमलों में अयातुल्ला अली खमनेई की हत्या हो गई थी। इसके बाद 8 मार्च 2026 को उनके बेटे अयातुल्ला सैयद मुजतबा खमनेई ने सुप्रीम लीडर का पद संभाला। इस बीच, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और अन्य बड़े अधिकारियों की एक अंतरिम परिषद ने अस्थायी तौर पर कमान संभाली थी। फिलहाल व्हाइट हाउस एक नए ईरानी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, जिसमें समुद्री तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर चर्चा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के नए सुप्रीम लीडर कौन हैं?

अयातुल्ला सैयद मुजतबा खमनेई 8 मार्च 2026 को ईरान के नए सुप्रीम लीडर बने। उन्होंने अपने पिता अयातुल्ला अली खमनेई की मृत्यु के बाद यह पद संभाला।

क्या ईरान वास्तव में आर्थिक संकट से जूझ रहा है?

हाँ, CBS न्यूज़ के रिपोर्टर के अनुसार युद्ध और दशकों पुराने प्रतिबंधों की वजह से ईरान में भारी महंगाई और ज़रूरी सामान की कमी जैसी समस्याएं मौजूद हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com