ईरान में पिछले 52 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है, जिससे वहां के आम लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। यह पाबंदी जनवरी महीने से शुरू हुई थी और अब भी जारी है। सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है, लेकिन आम नागरिक दुनिया से पूरी तरह कट चुके हैं।

ईरान में इंटरनेट क्यों बंद हुआ और अब तक क्या हुआ?

इंटरनेट का यह संकट 8 जनवरी 2026 को देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान शुरू हुआ था। इसके बाद 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद पाबंदियां और कड़ी कर दी गईं। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और युद्ध जैसी स्थितियों की वजह से यह कदम उठाना पड़ा। अभी तक सरकार ने इंटरनेट पूरी तरह चालू करने की कोई तारीख नहीं बताई है।

ताज़ा अपडेट क्या है और आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है?

19 अप्रैल को सरकार ने केवल यूनिवर्सिटी प्रोफेसरों के लिए इंटरनेट की पहुंच थोड़ी बढ़ाई है, लेकिन आम जनता अब भी वैश्विक नेटवर्क से दूर है। जो लोग VPN के जरिए इंटरनेट चलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें पुलिस की तरफ से गिरफ्तारी और जेल की चेतावनी वाले मैसेज मिल रहे हैं। 7 अप्रैल को एक व्यक्ति को VPN बेचने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया।

इंटरनेट ब्लैकआउट से जुड़ी मुख्य बातें

विवरण जानकारी
ब्लैकआउट शुरू होने की तारीख 8 जनवरी 2026
कुल दिनों की पाबंदी 52 दिन (20 अप्रैल तक)
आर्थिक नुकसान लगभग 35.7 मिलियन डॉलर प्रतिदिन
पाबंदी बढ़ने की तारीख 28 फरवरी 2026
राहत किसे मिली केवल यूनिवर्सिटी प्रोफेसरों को
कारण राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिका-इसराइल के साथ तनाव
शांति वार्ता की स्थिति तेहरान ने नई शांति वार्ता को खारिज किया
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.