ईरान में इंटरनेट पूरी तरह बंद हुए अब 500 घंटे से ज्यादा का समय हो गया है। अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे भारी तनाव को देखते हुए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। 22 मार्च 2026 तक इस पाबंदी को चार हफ्ते पूरे हो चुके हैं। इस शटडाउन की वजह से ईरान के आम लोग न तो आपस में बात कर पा रहे हैं और न ही दुनिया के दूसरे देशों से संपर्क कर पा रहे हैं।

इंटरनेट कब से और क्यों बंद है

ईरान में इंटरनेट की यह बड़ी समस्या 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद सुरक्षा के नाम पर कनेक्टिविटी काट दी गई। साइबर मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks के आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में इंटरनेट की पहुंच केवल 1 प्रतिशत रह गई है। यह इस साल का अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल संकट है जिसने पूरे देश के कामकाज को रोक दिया है।

सरकार ने किन चीजों पर लगाई है रोक

ईरानी अधिकारियों ने इंटरनेट चलाने वालों के लिए बहुत सख्त नियम तय किए हैं। मोबाइल ऑपरेटरों ने लोगों को मैसेज भेजकर चेतावनी दी है कि वे बमबारी वाली जगहों की फोटो या वीडियो शेयर न करें। किसी भी तरह की सरकार विरोधी बात लिखना सुरक्षा का उल्लंघन माना जाएगा। अगर कोई बार-बार विदेशी इंटरनेट या VPN से जुड़ने की कोशिश करता है, तो उसका फोन नंबर तुरंत बंद करके कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

आम लोगों और कारोबार पर क्या असर पड़ा

इंटरनेट बंद होने से छोटे और मध्यम उद्योगों को भारी नुकसान हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ा है जो ऑनलाइन काम करते हैं। इसके अलावा, सुरक्षा बल अब लोगों के घरों में Starlink डिवाइस की तलाश कर रहे हैं ताकि कोई भी चोरी-छिपे इंटरनेट न चला सके। फिलहाल सरकार ने इंटरनेट वापस चालू करने की कोई तारीख नहीं बताई है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.