ईरान में इंटरनेट बंद हुए अब 37 दिन पूरे हो चुके हैं और यह दुनिया का सबसे लंबा नेशनल इंटरनेट ब्लैकआउट बन गया है. मॉनिटरिंग ग्रुप NetBlocks के मुताबिक इससे पहले किसी भी देश में इतने लंबे समय तक इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद नहीं रही है. 28 फरवरी 2026 को इसराइल और अमेरिका के हमलों के बाद शुरू हुई यह पाबंदी अब रिकॉर्ड तोड़ चुकी है जिससे आम लोगों का जीवन और संचार पूरी तरह प्रभावित हो गया है.

ईरान सरकार के सख्त नियम और भारी जुर्माना

ईरान के अधिकारियों ने इंटरनेट पर काबू पाने के लिए बहुत कड़े नियम लागू किए हैं. सरकार ने Starlink की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को एक जायज टारगेट घोषित कर दिया है. अगर कोई व्यक्ति ईरान में Starlink का इस्तेमाल करता या उसे रखता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसे 10 साल की जेल या सज़ा-ए-मौत तक का सामना करना पड़ सकता है. अधिकारियों ने अब तक 139 Starlink डिवाइस जब्त किए हैं और इसे बेचने के आरोप में 46 लोगों को गिरफ्तार भी किया है.

  • अब तक 61 बैंक खातों को ब्लॉक किया गया है जो स्टारलिंक के लेनदेन से जुड़े थे.
  • इंटरनेट कनेक्टिविटी सामान्य स्तर से गिरकर केवल 1 प्रतिशत पर पहुंच गई है.
  • सरकार अब कुछ चुनिंदा लोगों को इंटरनेट देने के लिए नया सिस्टम बनाने पर विचार कर रही है.

अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर पड़ा बुरा असर

ईरान के संचार मंत्री सत्तार हाशमी ने स्वीकार किया है कि इस इंटरनेट शटडाउन की वजह से देश की अर्थव्यवस्था को हर दिन 35.7 मिलियन डॉलर का भारी नुकसान हो रहा है. मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है क्योंकि इंटरनेट न होने से लोगों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की आज़ादी खतरे में है. ईरान की न्यायपालिका ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था बिगाड़ने वालों के साथ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी. यह पाबंदी अब अपने पांचवें हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है और इसे हटाने को लेकर सरकार की तरफ से कोई औपचारिक जवाब नहीं आया है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.