ईरान में पिछले 45 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है. अमेरिका और इसराइल के सैन्य हमलों के बाद वहां डिजिटल दुनिया से नाता टूट गया है. अब अमेरिका ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की समुद्री नाकाबंदी का ऐलान कर दिया है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र और दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है.

ईरान में इंटरनेट की क्या स्थिति है?

ईरान में पिछले 45 दिनों से इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, जिसकी वजह से वहां के लोग बाहरी दुनिया से नहीं जुड़ पा रहे हैं. साइबर सुरक्षा संस्था NetBlocks के अनुसार, यह किसी भी देश में अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी इंटरनेट शटडाउन है. अब तक 1,056 घंटे से ज्यादा समय तक अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी कटी रही है. हालांकि ईरान का अपना घरेलू नेटवर्क चल रहा है, लेकिन ग्लोबल इंटरनेट तक पहुंच को पूरी तरह सीमित कर दिया गया है.

अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी और ईरान की प्रतिक्रिया

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया है कि अमेरिकी नौसेना हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की तुरंत नाकाबंदी करेगी. यह आदेश 13 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है. अमेरिका का कहना है कि वह उन सभी जहाजों को रोकेगा जो ईरानी बंदरगाहों में जा रहे हैं या वहां से निकल रहे हैं. दूसरी तरफ, ईरान ने इस कदम को समुद्री डकैती (piracy) बताया है और चेतावनी दी है कि इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी.

दुनिया और व्यापार पर इस तनाव का क्या असर होगा?

इस सैन्य तनाव की वजह से तेल ले जाने वाले बड़े टैंकर अब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के रास्ते से जाने से बच रहे हैं, जिससे तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. रूस ने इस स्थिति की आलोचना की है और शांति समझौते के लिए ईरान के समृद्ध यूरेनियम को स्वीकार करने की बात कही है. पाकिस्तान में हुई शांति वार्ताएं विफल होने के बाद अब दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ गया है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.