ईरान में पिछले 11 दिनों से इंटरनेट सेवा लगभग पूरी तरह से ठप है। Al Jazeera English और ग्लोबल इंटरनेट मॉनिटर के अनुसार, यह देश के इतिहास का दूसरा सबसे लंबा इंटरनेट शटडाउन बन गया है। देश में कनेक्टिविटी मात्र 1% रह गई है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नया नियम लागू होने के बाद अब लोग केवल सरकार द्वारा मंजूर की गई घरेलू वेबसाइट ही चला पा रहे हैं और बाहरी दुनिया से संपर्क टूट गया है।

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ईरान में इंटरनेट बंद होने का मुख्य कारण और नियम

ईरान के अधिकारियों ने नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क (NIN) के जरिए एक खास व्हाइटलिस्ट सिस्टम लागू किया है। इसके तहत केवल सरकारी वेबसाइट्स ही काम कर रही हैं। VPN और ग्लोबल प्लैटफॉर्म्स को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। सरकार की प्रवक्ता ने साफ किया है कि 20 मार्च को मनाए जाने वाले नवरोज (Nowruz) त्योहार से पहले अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेवाएं बहाल होने की कोई उम्मीद नहीं है।

आम लोगों और अर्थव्यवस्था पर इसका असर

इंटरनेट नहीं होने से ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। विदेशों में रहने वाले लोग WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप बंद होने से अपने परिवार से बात नहीं कर पा रहे हैं। इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं:

  • आर्थिक नुकसान: देश को रोजाना 35.7 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है।
  • ई-कॉमर्स: ऑनलाइन बिक्री और व्यापार में 80% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
  • कनेक्टिविटी: पूरे देश में इंटरनेट की पहुंच मात्र 1% बची है।
  • शेयर बाजार: डिजिटल प्लैटफॉर्म बंद होने से तेहरान स्टॉक एक्सचेंज का काम रुक गया है।
  • महंगाई की मार: इंटरनेट बंद होने से ठीक पहले इंटरनेट प्लान्स के दाम में 18% की बढ़ोतरी की गई थी।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.