ईरान में इंटरनेट सेवाओं पर लगा पूर्ण प्रतिबंध आज एक महीना पूरा कर चुका है। नेटब्लॉक्स (NetBlocks) और अन्य मॉनिटरिंग संस्थाओं की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यह ब्लैकआउट 29 मार्च 2026 तक लगातार जारी है। इस समय ईरान में इंटरनेट कनेक्टिविटी अपने सामान्य स्तर के मुकाबले घटकर सिर्फ 1 प्रतिशत रह गई है, जिससे पूरा देश डिजिटल दुनिया से लगभग कट चुका है।

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इंटरनेट शटडाउन से जुड़ी मुख्य जानकारी और आंकड़े

इस इंटरनेट ब्लैकआउट के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। डेटा के अनुसार यह ईरान के इतिहास के सबसे लंबे शटडाउन में से एक माना जा रहा है।

विवरण जानकारी
शुरुआत की तारीख 28 फरवरी 2026
कुल अवधि 30 दिन (आज तक)
दैनिक आर्थिक नुकसान 35.7 मिलियन डॉलर
कनेक्टिविटी का स्तर 1% से 4% के बीच
पिछला बड़ा शटडाउन जनवरी 2026

सरकार और विशेषज्ञों का इस पाबंदी पर क्या कहना है?

ईरानी संचार मंत्री सत्तार हाशमी ने पहले ही जानकारी दी थी कि इस शटडाउन से देश को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। सरकारी प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी ने संकेत दिया था कि अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन सेवाओं को बहाल करने में अभी समय लगेगा। सरकार ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे इंटरनेट चलाने के लिए किसी भी अवैध तरीके का इस्तेमाल न करें, वरना उन पर कानूनी केस चलाया जा सकता है।

  • नेटब्लॉक्स ने इसे दुनिया के सबसे गंभीर सरकारी इंटरनेट शटडाउन में से एक बताया है।
  • संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के अनुसार, इस पाबंदी का सबसे बुरा असर छोटे और मध्यम व्यापारों पर पड़ा है।
  • अधिकारियों ने स्टारलिंक (Starlink) जैसी सैटेलाइट सेवाओं को रोकने के लिए कई इलाकों में छापेमारी कर डिश जब्त की हैं।
  • विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि कुछ बुनियादी ढांचों को नुकसान हुआ है, लेकिन यह शटडाउन पूरी तरह से सरकार द्वारा नियंत्रण के लिए किया गया है।
  • ईरानी मीडिया अभी भी एक्स (X) और टेलीग्राम जैसे ब्लॉक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल खबरें फैलाने के लिए कर रहा है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.