ईरान में 41 दिनों से इंटरनेट सेवा बंद, पूरी दुनिया से कटा संपर्क, बना अब तक का सबसे लंबा ब्लैकआउट
ईरान में रह रहे लोगों के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं क्योंकि वहां पिछले 41 दिनों से इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप है. इंटरनेट पर नज़र रखने वाली संस्था NetBlocks ने बताया कि 9 अप्रैल 2026 तक देश में इंटरनेट बंद हुए 936 घंटे पूरे हो गए हैं. यह किसी भी देश में अब तक का सबसे लंबा चलने वाला इंटरनेट ब्लैकआउट बन गया है जिसके कारण लोग अपनों से और बाहरी दुनिया से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं. इस स्थिति ने ईरान को डिजिटल दुनिया में पूरी तरह अलग-थलग कर दिया है.
ईरान में इंटरनेट बंद होने के मुख्य कारण और मौजूदा स्थिति
ईरान में इंटरनेट पर यह पाबंदी 28 फरवरी 2026 को इसराइल और अमेरिका के हमलों के बाद लगाई गई थी. वहां की सरकार ने इसे सुरक्षा और सेंसरशिप के तौर पर लागू किया है ताकि जानकारी के बहाव को कंट्रोल किया जा सके. फिलहाल वहां के नागरिकों को सिर्फ सरकारी नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क (Nin) का ही एक्सेस मिल रहा है. यह एक ऐसा नेटवर्क है जिस पर सरकार की पूरी नज़र रहती है और वहां केवल चुनिंदा सर्च इंजन और मैसेजिंग ऐप्स ही काम कर रहे हैं.
इंटरनेट ब्लैकआउट से जुड़ी अहम जानकारियां
ईरानी अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी नागरिक VPN या Starlink जैसी सैटेलाइट सेवाओं के ज़रिए इंटरनेट चलाने की कोशिश करेगा, उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है. इस पाबंदी का सबसे बुरा असर व्यापार और आम लोगों के संपर्क पर पड़ा है. नीचे दी गई टेबल में इस शटडाउन से जुड़ी मुख्य जानकारी दी गई है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| शुरुआत की तारीख | 28 फरवरी 2026 |
| कुल समय (9 अप्रैल तक) | 41 दिन (936 घंटे) |
| संस्था की रिपोर्ट | NetBlocks और Kentik |
| वैकल्पिक नेटवर्क | National Information Network (Nin) |
| नियम | VPN और सैटेलाइट इंटरनेट पर बैन |
मानवाधिकार संगठनों जैसे Miaan Group ने भी इस पर चिंता जताई है क्योंकि लोग स्वतंत्र खबरों तक नहीं पहुँच पा रहे हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह अब तक का सबसे गंभीर और बड़ा नेशनल ब्लैकआउट है जिसने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. सरकार की ओर से अभी तक इंटरनेट सेवा को दोबारा बहाल करने के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.




